नेपाल के सुनसरी जिले के कप्तानगंज-3 में हुई हिंसक घटना और सांप्रदायिक तनाव के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. नेपाल में हुई हिंसक झड़प में 24 वर्षीय बोलबम श्रद्धालु ओमप्रकाश मेहता की गोली लगने से हुई मौत और एक दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की घटना के बाद सीमावर्ती अररिया जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है.
जिलाधिकारी और एसपी ने सीमावर्ती गांवों का किया दौरा
स्थिति का जायजा लेने के लिए अररिया के जिलाधिकारी (DM) बिनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक (SP) जितेंद्र कुमार ने एसडीपीओ/डीएसपी राजकिशोर कुमार के साथ फुलकाहा एवं घूरना थाना क्षेत्र से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा का गहन निरीक्षण किया:
- गांवों में लिया फीडबैक: अधिकारियों ने मानिकपुर और कोशिकापुर सहित कई सीमावर्ती गांवों का दौरा कर स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की तथा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.
- सुरक्षा बलों के साथ समीक्षा: निरीक्षण के दौरान 56वीं/19वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल (SSB) और बिहार पुलिस के अधिकारियों व जवानों के साथ सीमा सुरक्षा की गहन समीक्षा की गई.
सीमा पर एसएसबी और पुलिस की संयुक्त गश्त तेज
एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि नेपाल में उपजे तनाव का असर भारतीय सीमा में न पड़े, इसके लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं:
- सघन जांच अभियान: भारत-नेपाल सीमा से होकर गुजरने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति और वाहन की गहन तलाशी ली जा रही है.
- अतिरिक्त बल की तैनाती: संवेदनशील सीमा बिंदुओं (Border Points) पर अतिरिक्त पुलिस बल और एसएसबी जवानों को तैनात कर संयुक्त गश्त (Joint Patrolling) तेज कर दी गई है.
"अफवाहों पर ध्यान न दें, भाईचारा बनाए रखें" — DM
जिलाधिकारी बिनोद दूहन ने सीमावर्ती ग्रामीणों के साथ बैठक कर आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील की:
प्रशासनिक अपील: डीएम ने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें. यदि सीमा क्षेत्र में कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए, तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना या एसएसबी पोस्ट को दें. प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है.
