अररिया से स्थानीय रिपोर्टर की रिपोर्ट
Highway Encroachment: राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, अवैध पार्किंग पर प्रभावी नियंत्रण लगाने और यातायात को बाधा मुक्त बनाने के उद्देश्य से समाहरणालय परिसर स्थित परमान सभागार में एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई. जिलाधिकारी (डीएम) विनोद दूहन की अध्यक्षता में आयोजित जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की इस बैठक में पुलिस अधीक्षक (एसपी) जितेंद्र कुमार सहित परिवहन विभाग, एनएचएआई (NHAI) और पथ निर्माण विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे. खास बात यह रही कि इस बैठक में हाईवे किनारे स्थित पेट्रोल पंप, होटल, ढाबा और धर्मकांटा (वेब्रिज) संचालकों को भी आमंत्रित कर सख्त हिदायत दी गई.
सूची तैयार, 10 जून तक अतिक्रमण खाली कराने का अल्टीमेटम
सड़क सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों (CO) और संबंधित विभागों को निम्नलिखित कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- विशेष अभियान चलाकर हटेगा अतिक्रमण: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा जिले के हाईवे किनारे चिह्नित किए गए सभी अतिक्रमित स्थलों की सूची जिला प्रशासन को सौंप दी गई है. डीएम ने सभी सीओ को निर्देश दिया कि विशेष अभियान चलाकर आगामी 10 जून 2026 तक इन सभी अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त करना सुनिश्चित करें और इसकी रिपोर्ट सौंपें.
- कमर्शियल होर्डिंग्स पर पाबंदी: राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि या उसके सुरक्षा क्षेत्र (राइट ऑफ वे) में किसी भी तरह के वाणिज्यिक होर्डिंग, विज्ञापन बोर्ड या अनाधिकृत प्रकाश व्यवस्था लगाने की अनुमति नहीं है. ऐसे बोर्ड लगाने वाले संस्थान या व्यक्ति इन्हें तुरंत स्वयं हटा लें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
- पार्किंग वे का होगा विकास: एनएचएआई के परियोजना निदेशक को निर्देश दिया गया है कि हाईवे पर आवश्यकतानुसार ‘ट्रक पार्किंग स्थल’ और ‘पार्किंग वे’ विकसित किए जाएं, साथ ही जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं ताकि अवैध पार्किंग पर रोक लग सके.
होटल, ढाबा और पेट्रोल पंप संचालकों को चेतावनी
परिसर के अंदर ही खड़ी होंगी गाड़ियाँ: डीएम ने बैठक में आए पेट्रोल पंप, होटल और ढाबा संचालकों को निर्देशित किया कि उनके प्रतिष्ठानों के सामने किसी भी सूरत में मुख्य सड़क पर ट्रक, बस या अन्य बड़े वाहन खड़े नहीं होने चाहिए. वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से दुर्घटना की संभावना बढ़ती है, इसलिए सभी संचालक अपने परिसर के भीतर ही वाहनों की पार्किंग सुनिश्चित करवाएं.
रात्रिकालीन सुरक्षा के लिए लगेंगे रोड रिफ्लेक्टर और कैट-आई
एसपी के निर्देश और धर्मकांटा नियमावली:
बैठक में मौजूद पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने सड़क सुरक्षा और विशेषकर रात्रिकालीन सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई को निर्देश दिया कि सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर पर्याप्त संख्या में रोड रिफ्लेक्टर, कैट-आई (Cat-Eye), चेतावनी संकेतक और साइनेज लगाए जाएं.
इसके साथ ही एसपी ने धर्मकांटा संचालकों को भी स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपनी क्षमता के अनुसार ही वाहनों को परिसर में प्रवेश दें. यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए कि वजन कराने के लिए आने वाले वाहनों की कतार मुख्य हाईवे तक न पहुंचे, क्योंकि इससे यातायात बाधित होता है और गंभीर सड़क हादसे होने का खतरा बना रहता है.
सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील
समन्वय पर जोर:
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन और इंसानी जान की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने हाईवे पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाने तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया. डीएम ने सभी संबंधित विभागों, थानाध्यक्षों और सरकारी एजेंसियों को आपसी तालमेल (कोऑर्डिनेशन) के साथ काम करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक कदम उठाने का सख्त निर्देश दिया है.
