Araria School Controversy: भरगामा (अररिया). +2 उत्क्रमित उच्च विद्यालय, चरैया की कक्षा 11 की छात्रा ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक शिव कुमार साहू पर बोनाफाइड प्रमाणपत्र मांगने के दौरान दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है. छात्रा और उसके परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है.
छात्रा ने लगाए गंभीर आरोप
छात्रा का आरोप है कि आवश्यक कार्य के लिए बोनाफाइड प्रमाणपत्र लेने जब वह प्रधानाध्यापक के पास पहुंची तो प्रमाणपत्र देने के बजाय उसके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया. छात्रा का कहना है कि इस घटना से वह मानसिक रूप से काफी आहत हुई है.
परिजनों ने की कार्रवाई की मांग
घटना के बाद परिजनों ने कहा कि विद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है, जहां विद्यार्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है.
ग्रामीणों ने भी उठाये सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ व्यवहार को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं. उनका कहना है कि विद्यालय में छात्रों के साथ सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
प्रधानाध्यापक ने आरोपों से किया इनकार
इस संबंध में प्रधानाध्यापक शिव कुमार साहू ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि छात्रा के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई. उन्होंने बताया कि उसे केवल अनुशासन के तहत डांटा गया था.
जांच के बाद होगी कार्रवाई : बीडीओ
Araria School Controversy: प्रखंड विकास पदाधिकारी केशव कुमार राय ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है. यदि जांच में छात्रा द्वारा लगाए गए आरोप सही पाये जाते हैं तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
