अररिया, जोगबनी. नेपाल के रसुवा जिले में ग्लेशियर से जुड़े अचानक आए फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है. बाढ़ का पानी भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के तटीय इलाकों तक पहुंचने के बाद सड़क यातायात और जनजीवन प्रभावित हुआ है. नेपाल के अधिकारियों के अनुसार बुधवार शाम तक सात जिलों में 72 शव बरामद किए गए थे. वहीं बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं.
विराटनगर से काठमांडू और पोखरा जाने वाली बसें रद्द
त्रिशूली नदी के तटीय क्षेत्र में सड़क मार्ग पर जोखिम बढ़ने की आशंका को देखते हुए विराटनगर और कोशी प्रांत से दिन-रात चलने वाली लंबी दूरी की कई बस सेवाएं रद्द कर दी गई हैं. विराटनगर बस पार्क से काठमांडू और पोखरा जाने वाली बसों का परिचालन भी रोक दिया गया है. हालांकि चितवन जाने वाली बसें चल रही हैं.
बस संचालकों के अनुसार विराटनगर से करीब 300 सीटों की बुकिंग हो चुकी थी. दोपहर की लंबी दूरी की यात्रा के लिए निर्धारित 12 बसें फिलहाल विराटनगर बस स्टैंड पर खड़ी हैं.
बचाव कार्य में सेना और निजी क्षेत्र के हेलीकॉप्टर तैनात
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए नेपाली सेना और निजी क्षेत्र के हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार सेना के छह और निजी क्षेत्र के आठ हेलीकॉप्टरों समेत 14 हेलीकॉप्टर खोज, बचाव और राहत कार्य में लगाए गए हैं. नेपाली सेना ने रसुवा के तिमुरे और स्याफ्रु क्षेत्र समेत प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया है.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. खराब मौसम और कई स्थानों पर संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत कार्य में चुनौती बनी हुई है. रसुवा के कई इलाकों में सड़क और पुल बह जाने से जमीनी पहुंच भी बाधित हुई है.
सात जिलों में मिले 72 शव
नेपाल आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बाढ़ के बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन, गोरखा, तनाहुन और नवलपरासी पूर्व में कुल 72 शव बरामद किए गए हैं. इनमें सबसे अधिक 28 शव चितवन में मिले हैं. धादिंग में 18, नुवाकोट में 11, गोरखा में नौ और अन्य जिलों में भी शव बरामद हुए हैं. मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है.
सैकड़ों लोग अब भी लापता, भारतीय नागरिक भी शामिल
फ्लैश फ्लड के बाद बड़ी संख्या में लोगों के संपर्क से बाहर होने की सूचना है. नेपाल पर्यटन बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार 403 पर्यटकों और यात्रियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें 341 विदेशी और 62 नेपाली नागरिक शामिल हैं. इनमें भारतीय नागरिक भी बड़ी संख्या में बताए जा रहे हैं.
चीन सीमा से आया पानी भोटेकोशी में मिला
नेपाल के अधिकारियों के अनुसार तिब्बत क्षेत्र में नदी के अवरुद्ध होने के बाद अचानक पानी का प्रवाह बढ़ा और यह पानी रसुवा में भोटेकोशी नदी में आ गया. इसके बाद बाढ़ का प्रभाव नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन तक पहुंचा. बाढ़ ने सड़क, पुल, मकान और जलविद्युत परियोजनाओं समेत कई महत्वपूर्ण ढांचों को नुकसान पहुंचाया है.
नदियों के आसपास नहीं जाने की अपील
नेपाल प्रशासन ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में जोखिम बरकरार रहने की चेतावनी दी है. नदी किनारे रहने वाले लोगों और यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा नदी और संवेदनशील क्षेत्रों की ओर नहीं जाने की अपील की गई है. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है.
जोगबनी से जुड़े लोगों में भी बढ़ी चिंता
नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद अररिया और जोगबनी से नेपाल आने-जाने वाले यात्रियों और व्यापारियों में भी चिंता बढ़ गई है. काठमांडू और पोखरा जाने वाली बस सेवाएं प्रभावित होने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
