मानसून के सक्रिय होने के साथ ही अररिया जिले में संभावित बाढ़ और जल-संकट की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर तेज कर दी हैं. जिलाधिकारी (DM) विनोद दूहन की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बाढ़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों की मुस्तैदी को परखा गया. डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी आपात स्थिति में आम जनमानस को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहें.
मौसम की निगरानी के लिए 218 ऑटोमेटिक रेन गेज सक्रिय
बैठक के दौरान तकनीकी और मैदानी स्तर पर की गई तैयारियों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया गया:
- हाईटेक मॉनिटरिंग: जिले में वर्षा और मौसम की सटीक व पल-पल की जानकारी के लिए 218 ऑटोमेटिक रेन गेज (ARG), 9 ऑर्डिनरी रेन गेज और 9 ऑटोमेटिक वेदर सिस्टम पूरी तरह से काम कर रहे हैं.
- तटबंधों की सुरक्षा: जल संसाधन विभाग द्वारा जिले के सभी संवेदनशील तटबंधों का भौतिक निरीक्षण पूरा कर लिया गया है. बारिश के कारण हुए रेनकट (मिट्टी का कटाव) और गड्ढों की मरम्मत समय रहते कर दी गई है.
- परिवहन व्यवस्था: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जिले में 98 सरकारी नावें पूरी तरह तैयार रखी गई हैं.
आपदा प्रबंधन और राहत शिविरों का पूरा खाका
बाढ़ के दौरान विस्थापित होने वाले परिवारों और राहत कार्यों के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने व्यापक बंदोबस्त किए हैं:
| राहत सामग्री / संसाधन | उपलब्ध संख्या |
| पॉलीथीन शीट (Polythene Sheets) | 44,475 |
| बाढ़ राहत शिविर (Relief Camps) | 363 (14 बड़े आश्रय स्थलों सहित) |
| सामुदायिक रसोई केंद्र (Community Kitchens) | 397 (चिह्नित एवं तैयार) |
| प्रशिक्षित गोताखोर (Divers) | 143 |
| आपदा मित्र (Apada Mitras) | 240 |
| मोटरबोट और लाइफ जैकेट | 8 मोटरबोट एवं 135 लाइफ जैकेट |
स्वास्थ्य, पेयजल और स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम
सिविल सर्जन और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने भी बुनियादी सुविधाओं को लेकर रिपोर्ट पेश की:
- दवाओं का स्टॉक: स्वास्थ्य विभाग ने आपात स्थिति के लिए सांप काटने की दवा (एंटीवेनम), एंटीरेबीज वैक्सीन, ओआरएस पैकेट और ब्लीचिंग पाउडर जैसी जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडार सुरक्षित कर लिया है. हर अंचल में मोबाइल मेडिकल टीम और पशुओं के लिए विशेष चिकित्सा दल का गठन किया गया है.
- स्वच्छ पेयजल व स्वच्छता: शुद्ध पानी के लिए 3 जल शुद्धीकरण संयंत्र (Water Purification Plants), 50 जेरिकेन और 12 हजार एच-2-एस वायल बांटे जा रहे हैं. इसके साथ ही राहत शिविरों के लिए 105 अस्थायी चापाकल, 225 अस्थायी शौचालय, 110 स्नानागार और 110 अस्थायी यूरिनल की व्यवस्था की गई है.
24 घंटे काम करेगा कंट्रोल रूम, इस हेल्पलाइन नंबर पर करें संपर्क
आपातकालीन परिस्थितियों में आम जनता और प्रशासन के बीच त्वरित संपर्क स्थापित करने के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (Control Room) को तीन शिफ्टों में 24 घंटे के लिए सक्रिय कर दिया गया है.
आधिकारिक बाढ़ हेल्पलाइन नंबर: जिला प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए 9471682459 नंबर जारी किया है. किसी भी क्षेत्र में जलभराव, तटबंध टूटने या कटाव की स्थिति होने पर इस नंबर पर तुरंत सूचना दी जा सकती है.
अधिकारियों को डीएम के कड़े निर्देश:
जिलाधिकारी विनोद दूहन ने सभी अंचलाधिकारियों (CO) को निर्देश दिया कि वे नाविकों के साथ एकरारनामा (Agreement) की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर लें. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि गोताखोरों और मेडिकल टीमों के मोबाइल नंबर सभी पंचायत भवनों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर दीवार लेखन के माध्यम से प्रदर्शित किए जाएं. इसके अलावा, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के पुल-पुलियों, डायवर्सन और ड्रेनेज सिस्टम को हर हाल में दुरुस्त रखा जाए ताकि कहीं भी जलजमाव की समस्या विकराल रूप न ले सके.
