अररिया जिले के पलासी प्रखंड सहित आसपास के सीमावर्ती इलाकों में बीते 24 घंटे के दौरान सर्पदंश (सांप काटने) की पांच अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं. घटना के तुरंत बाद सभी पीड़ितों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पलासी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की मुस्तैदी और समय पर मिले इलाज के बाद सभी मरीजों की हालत अब खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है.
सर्पदंश के शिकार हुए ये लोग
अस्पताल में भर्ती कराए गए पीड़ितों में सिकटी और पलासी प्रखंड के विभिन्न गांवों के लोग शामिल हैं:
- अमरजीत कुमार (बरमसिया वार्ड नंबर 10, सिकटी)
- रौनक कुमार (गैरारी वार्ड नंबर 02)
- नेहा कुमारी (छपैनिया गांव)
- असरफ आलम (करोड़ दिघली गांव)
- हुस्न आरा (मेहरो चौक गांव)
9 डोज एंटी-स्नेक वेनम देकर बचाई गई नेहा की जान
सीएचसी पलासी के प्रभारी डॉ. जहांगीर आलम और डॉ. परवेज हयात ने बताया कि सभी मरीजों को बिना समय गंवाए अस्पताल लाया गया, जिससे उनकी स्थिति को नियंत्रण में करना आसान रहा.
डॉ. हयात ने बताया कि छपैनिया गांव की नेहा कुमारी की हालत काफी गंभीर थी. उसे तत्काल 'एंटी स्नेक वेनम' (Anti Snake Venom) के 9 डोज दिए गए, जिसके बाद जहर का असर पूरी तरह बेअसर हो सका. अन्य चार मरीजों को भी आवश्यक प्राथमिक उपचार और स्नेक वेनम देकर डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है.
झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें, तुरंत आएं अस्पताल: डॉक्टर
मानसून और बारिश के मौसम में खेतों व घरों के आसपास जहरीले सांपों का निकलना बढ़ गया है. डॉ. जहांगीर आलम ने आम लोगों से अपील की है कि:
- रात के समय घर के अंदर व आसपास साफ-सफाई रखें और रोशनी का इंतजाम करें.
- झाड़ियों और अंधेरी जगहों पर जाने से बचें.
- सर्पदंश की स्थिति में किसी झाड़-फूंक या तांत्रिक के चक्कर में समय बर्बाद न करें, बल्कि सीधे निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचें जहां मुफ़्त और जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध हैं.
