अररिया. भाजपा जिलाप्रवक्ता अविनाश कुमार सिंह ने एफसीआरए में किए जा रहे सुधारों को लेकर केंद्र सरकार के प्रयासों का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि विदेशी योगदान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है. उनका कहना है कि विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल कानून के अनुरूप ही होना चाहिये.
विदेशी फंडिंग पर निगरानी जरूरी
अविनाश कुमार सिंह ने कहा कि विदेशी चंदे और फंडिंग के नाम पर यदि किसी संस्था द्वारा कानून का उल्लंघन किया जाता है, तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संदिग्ध संगठनों, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संभावित खतरों और अवैध गतिविधियों के लिए विदेशी धन के इस्तेमाल पर प्रभावी निगरानी समय की मांग है.
वैध संस्थाओं को परेशान करना उद्देश्य नहीं
भाजपा जिलाप्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि एफसीआरए का उद्देश्य वैध सामाजिक और जनकल्याणकारी संस्थाओं को परेशान करना नहीं है. उन्होंने कहा कि सुधारों का मकसद विदेशी धन के दुरुपयोग को रोकना और वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है.
सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव से समझौता नहीं
उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, संप्रभुता और सामाजिक सद्भाव से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता. केंद्र सरकार का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि भारत में आने वाला प्रत्येक विदेशी योगदान निर्धारित नियमों के तहत प्राप्त हो और उसका इस्तेमाल कानून के विरुद्ध गतिविधियों के लिए न किया जाये.
विपक्ष से जवाबदेही को लेकर सवाल
अविनाश कुमार सिंह ने विपक्ष से सवाल किया कि यदि वह पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने वाले प्रावधानों का विरोध करता है तो उसे विदेशी फंडिंग के दुरुपयोग पर कड़ी निगरानी के संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए.उन्होंने कहा कि विदेशी योगदान से जुड़ी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने से वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा और कानून के अनुरूप काम करने वाली संस्थाओं का भरोसा भी कायम रहेगा.
