अररिया से मृगेंद्र मणि सिंह की रिपोर्ट :
फर्जी लोगों को खड़ा कर जमीन रजिस्ट्री के मामले में किये गए कार्यवाही पर बिहार विकास युवा मोर्चा के अध्यक्ष सह आरटीआई एक्टिविस्ट प्रसेनजीत कृष्ण ने सवाल खड़ा किया है कि आखिर मुख्य कर्ता धर्ता अमित कुमार भगत को इस कार्यवाही के दायरे से क्यों बाहर किया गया है. जबकि इस पूरे प्रकरण का मुख्य सरगना अमित कुमार भगत है. प्रसेनजीत कृष्ण ने अररिया डीएम को मैसेज करके यह अवगत कराया कि इस प्रकरण से अमित कुमार को बाहर रखा गया है जो बिल्कुल गलत है. उन्होंने अमित कुमार भगत के ऊपर कार्यवाही का मांग डीएम से किया है. ज्ञात हो कि फर्जी जमीन निबंधन मामले में जांच करके दो नामजद व कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है. लेकिन जिसने फर्जी तरीके से जमीन की रजेस्ट्री कराई है वह क्यों कार्रवाई से बाहर है.क्या है मामला
जिले में जमीन निबंधन में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. आरटीआई एक्टिविस्ट प्रसेनजीत कृष्णा की शिकायत पर हुई जांच के बाद नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने कांड संख्या 239/26 दर्ज कर एसआई राम लखन चौधरी को अनुसंधानकर्ता नियुक्त किया है. जिला निबंधन कार्यालय के लिपिक पंकज कुमार ने गत 05 मई को नगर थानाध्यक्ष को आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई. जांच में सामने आया कि असली व्यक्ति रमेश्वर मंडल, निवासी ननकार, वार्ड संख्या 01, गिदवास, थाना रानीगंज की जगह गलत आधार नंबर लगाकर गलत पहचान दर्शाया है. इस फर्जीवाड़े में पहचानकर्ता सुचित नारायण मंडल, पिता- फतेचंद मंडल, निवासी वार्ड संख्या 02 खरहट व गवाह सच्चिदानंद मंडल, पिता स्व रसिकलाल मंडल, बेतोना थाना रानीगंज समेत अन्य लोगों ने मिलीभगत की. इन लोगों ने रमेश्वर मंडल के बदले खड़े होकर फर्जी आधार से दस्तावेज का निबंधन करा लिया. निबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग पर नगर थाने में केस दर्ज हुआ है. नगर थाना पुलिस अब फर्जी निबंधन से जुड़े सभी लोगों की भूमिका व दस्तावेज की जांच कर रही है. दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है.
क्रेता के ऊपर भी होगी कार्रवाई
जिला अवर निबंधक सह विशेष विवाह पदाधिकारी कौशल कुमार झा ने बताया कि मामले में दो साक्षी पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गई है. एक मामला और उभर कर आया है. जिसमें जनता दरबार में आवेदन दिया गया है. आवेदन के अनुसार बुधवार को क्रेता के ऊपर भी प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी.
