भरगामा. थाना क्षेत्र के बीरनगर में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले संगठित गिरोह का प्रशासन ने खुलासा किया है. भरगामा थानाध्यक्ष राजेश कुमार के आवेदन पर इस मामले में दो लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की गयी है. नामजद आरोपियों में वीरनगर पूर्व छर्रापट्टी वार्ड संख्या नौ निवासी सरकारी विद्यालय के शिक्षक मो कैसर व वीरनगर पश्चिम निवासी मो सरफराज शामिल हैं. जिनकी संलिप्तता प्रारंभिक जांच में सामने आयी है. गुप्त सूचना के आधार पर एसडीओ के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने छर्रापट्टी निवासी कैसर मास्टर के घर पर सघन छापेमारी की. हालांकि कार्रवाई की भनक मिलते ही गिरोह का संचालक मौके से फरार हो गया. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है. छापेमारी के दौरान मौके से आधार बनाने वाले सामग्री, भारी मात्रा में आधुनिक उपकरण व संदिग्ध सामग्री बरामद की गयी. जब्त सामानों में कंप्यूटर सिस्टम, उच्च गुणवत्ता वाले प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, तैयार फर्जी आधार कार्ड, बायोमेट्रिक डिवाइस, फिंगर क्लोनिंग उपकरण व कई अहम दस्तावेज शामिल हैं. प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इन उपकरणों के जरिये लोगों की पहचान संबंधी सूचनाओं से छेड़छाड़ कर अवैध रूप से आधार कार्ड तैयार किए जा रहा था. सभी बरामद सामान को सील कर प्रशासन इस पहलू पर भी गंभीरता से जांच कर रही है.
कहते हैं एसडीओ
एसडीओ अभय कुमार तिवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि पहचान पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ गंभीर अपराध है. इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जायेगा. उन्होंने बताया कि गिरोह प्रॉक्सी आईडी व क्लोन जैसे सॉफ्टवेयर के माध्यम से काम कर रहा था. जिससे इसके नेटवर्क के व्यापक होने के संकेत मिलते हैं. छापेमारी के दौरान आजमगढ़ के एकमा निवासी मो वजीउल्लाह के दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र भी बरामद किये गये हैं, जो बहु-राज्यीय कनेक्शन की ओर इशारा करते हैं. प्रशासन ने आम लोगों से अपील कि है कि वे पहचान पत्र व अन्य सरकारी दस्तावेज केवल अधिकृत केंद्रों से ही बनवाएं व किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें.
