जिला न्यायाधीश ने जानलेवा हमले के 20 वर्ष पुराने मामले में आठ आरोपितों को डॉट फटकार कर छोड़ा

सोमवार को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश गूंजन पांडेय की अदालत ने 20 वर्ष पूर्व जानलेवा हमले करने का मामला प्रमाणित होने पर जिले के बरदाहा थाना क्षेत्र के कौआकोह गांव निवासी 04 महिला व 04 पुरुषों को दोबारा ऐसी गलती न हो, डांट-फटकार लगाते हुए छोड़ने का आदेश जारी किया है.

अररिया. सोमवार को प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश गूंजन पांडेय की अदालत ने 20 वर्ष पूर्व जानलेवा हमले करने का मामला प्रमाणित होने पर जिले के बरदाहा थाना क्षेत्र के कौआकोह गांव निवासी 04 महिला व 04 पुरुषों को दोबारा ऐसी गलती न हो, डांट-फटकार लगाते हुए छोड़ने का आदेश जारी किया है. सजा पाने वाले आठों आरोपित मो मुंतज़िर, जलालुद्दीन, शमशेर, मैनुद्दीन, खैतुन खातून, संजीरा खातून, समीला खातून व जासीमा खातून शामिल हैं. यह सजा एसटी 315/2011 में सुनाया गया है. इस संबंध में सरकार की ओर से लोक अभियोजक (पीपी) रामानंद मंडल ने बताया कि 17 दिसंबर 2005 को साढ़े आठ बजे दिन को सभी आरोपित मिलकर जिले के घूरना थाना क्षेत्र के पथराहा गांव निवासी मो साबिर की पत्नी लज़मा खातून को जान मारने की नीयत से लोहे के दबिया से सिर पर मारकर जख्मी कर दिया था. घटना को लेकर पीड़िता सह जख्मी लज़मा खातून के पति मो साबिर पिता स्व अकबर ने आरोपितों के विरुद्ध घूरना थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. जिसके तहत नरपतगंज (घूरना) थाना कांड 205/2005 दर्ज हुआ था. मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता शम्भू शरण चौधरी ने अपना पक्ष रखा था.

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