अररिया के जिलाधिकारी (DM) विनोद दूहन ने जिला पंचायती राज कार्यालय के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं. पंचायत स्तर पर आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर और बिना परेशानी के मिले, इसके लिए अब पंचायत कर्मियों को अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक अटेंडेंस (Biometric Attendance) लगानी होगी. डीएम ने सख्त लहजे में स्पष्ट कर दिया है कि उपस्थिति के आधार पर ही कर्मियों के वेतन और मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा.
हाजिरी से तय होगा वेतन, दूसरे कार्यालय में नहीं लगेगी ड्यूटी
डीएम की समीक्षा बैठक में पंचायत कर्मियों की कार्यशैली और उपलब्धता पर सबसे अधिक जोर दिया गया:
- बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य: सभी पंचायतों में कर्मियों की नियमित उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा. इसी हाजिरी के आधार पर उन्हें मानदेय और वेतन मिलेगा.
- बिना अनुमति ड्यूटी बदलने पर रोक: डीएम ने साफ निर्देश दिया है कि पंचायतों में प्रतिनियुक्त कर्मियों को बिना जिलाधिकारी के अनुमोदन के किसी अन्य कार्यालय में नहीं भेजा जाएगा.
- RTPS सेवाओं पर फोकस: कर्मियों की पंचायत में ही उपलब्धता सुनिश्चित कर आरटीपीएस (RTPS) जैसी महत्वपूर्ण लोक सेवाओं को आमजनों के लिए सहज और सुलभ बनाया जाएगा.
पंचायत सरकार भवन और विवाह मंडप के लिए खोजें जमीन
जिले में बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
- जमीन की उपलब्धता: पंचायत सरकार भवन और विवाह मंडप के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि की तलाश तेज करने का निर्देश दिया गया है.
- CO के साथ बैठक: डीएम ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे अंचल अधिकारियों (CO) की समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और भूमि संबंधी मामलों में तुरंत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें.
अभिलेखों (Records) के रख-रखाव के लिए मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग
कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए फाइलों और अभिलेखों के संधारण (मेंटेनेंस) पर विशेष जोर दिया गया:
- जिला स्तर से प्रशिक्षण: पंचायत कर्मियों को अभिलेखों को सही और व्यवस्थित ढंग से रखने के लिए जिला स्तर से विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा.
- प्रशिक्षण सामग्री: इसके साथ ही उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण सामग्री भी मुहैया कराई जाएगी ताकि पंचायत स्तर के रिकॉर्ड पूरी तरह से पारदर्शी और व्यवस्थित रह सकें.
