अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट
Anganwadi Centre: बिहार के अररिया जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन, पोषाहार वितरण और बच्चों-महिलाओं को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह कड़क और एक्टिव मोड में आ गया है. जिलाधिकारी (डीएम) विनोद दूहन के विशेष दिशा-निर्देश पर पूरे जिले में एक व्यापक और सघन जांच अभियान (Massive Inspection Drive) संचालित किया जा रहा है. इस महा-अभियान के तहत जिले की सभी 211 ग्राम पंचायतों, 3 नगर पंचायतों और 3 नगर परिषद क्षेत्रों में संचालित कुल 2,788 आंगनवाड़ी केंद्रों का विभिन्न स्तर के प्रशासनिक पदाधिकारियों के माध्यम से औचक निरीक्षण (Physical Verification) कराया जा रहा है. जिलाधिकारी के इस कड़े कदम से कर्तव्यहीन सेविकाओं, सहायिकाओं और बिचौलियों के बीच हड़कंप मच गया है.
इन 6 मुख्य बिंदुओं पर टिकी है जांच की सुई; FRS से राशन वितरण पर कड़ा जोर
- उपस्थिति की पक्की जांच: केंद्र खुलने की नियमितता के साथ-साथ संबंधित आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका और 3 से 6 वर्ष के पंजीकृत बच्चों की भौतिक उपस्थिति.
- डिजिटल राशन वितरण (FRS): ‘टेक होम राशन’ (THR) का वितरण कड़ाई से FRS (Facial Recognition System) तकनीक के माध्यम से पारदर्शी तरीके से हो रहा है या नहीं, इसकी लाइव चेकिंग.
- भोजन की क्वालिटी: केंद्र पर आने वाले मासूम बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके भोजन (Hot Cooked Meal) का स्वाद, स्वच्छता और उसकी पोषण गुणवत्ता.
- मेनू का प्रदर्शन: पोषाहार मेनू चार्ट को केंद्र के मुख्य भवन की दीवार पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया गया है या नहीं.
- इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति: केंद्र जिस भवन में चल रहा है, उसकी भौतिक स्थिति, पेयजल (पानी) और शौचालय की व्यवस्था.
2788 केंद्रों का प्रशासनिक ब्योरा और कवरेज क्षेत्र
कोई भी केंद्र बंद मिला तो होगी कड़क कार्रवाई: जिलाधिकारी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी आंगनवाड़ी केंद्र कार्यदिवस के दौरान बंद न रहे और सभी वार्डों के बच्चों, धात्री (स्तनपान कराने वाली माताओं) व गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले लाभों की शत-प्रतिशत आपूर्ति बिना किसी कटौती के सीधे उन तक पहुंचे.
| कुल चिन्हित कवरेज क्षेत्र | कुल पंचायतों की संख्या | जांच के दायरे में कुल केंद्र | मुख्य लाभार्थी वर्ग |
| संपूर्ण अररिया जिला | 211 ग्राम पंचायतें | 2,788 आंगनवाड़ी केंद्र | * 3 से 6 वर्ष के बच्चे * गर्भवती महिलाएं * धात्री माताएं |
| शहरी निकाय क्षेत्र | 03 नगर पंचायत व 03 नगर परिषद | (शहरी वार्डों के सभी केंद्र समाहित) |
“लापरवाही मिली तो सेविका से लेकर CDPO तक पर गिरेगी गाज”: डीएम विनोद दूहन
डीएम ने आधिकारिक बयान में कहा कि जांच के दौरान यदि किसी भी केंद्र पर वित्तीय अनियमितता, पोषाहार में कटौती, फर्जी हाजिरी या कर्तव्यहीनता की तनिक भी लापरवाही उजागर होती है, तो केवल धरातल पर काम करने वाली संबंधित आंगनवाड़ी सेविका ही नहीं, बल्कि उनके ऊपर कड़क मॉनिटरिंग न रखने वाली महिला पर्यवेक्षिका (सर्किल सुपरवाइजर) और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) के विरुद्ध भी सीधे तौर पर विभागीय विभागीय और विधि सम्मत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. जिला प्रशासन का लक्ष्य भ्रष्टाचार मुक्त और सुदृढ़ बाल विकास सेवा सुनिश्चित करना है.
