अररिया. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा नीट-यूजी 2026 परीक्षा को रद्द करने के निर्णय के बाद, एमईडजेक्स के संस्थापक, सीईओ व भौतिकी विशेषज्ञ आदित्य आनंद ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता व शून्य-समझौता नीति की मांग की है. 15 से अधिक वर्षों के शिक्षण अनुभव के साथ आदित्य आनंद ने हजारों डॉक्टरों के करियर को संवारा है, जो आज एम्स दिल्ली, एमएएमसी, एसएमएस जयपुर समेत देश के हर सरकारी मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इस संकट की घड़ी में वे 22.8 लाख उम्मीदवारों के लिए एक सशक्त आवाज बनकर उभरे हैं. उन्होंने कहा कि परीक्षा रद्द होना एक पीड़ादायक लेकिन आवश्यक कदम है जिससे हमारी योग्यता आधारित प्रणाली से भ्रष्टाचार के कैंसर को जड़ से मिटाया जा सके. एक डॉक्टर का एप्रन कभी भी लीक हुए पेपर के माध्यम से हासिल नहीं किया जाना चाहिए. हम सीबीआइ जांच का स्वागत करते हैं व मांग करते हैं कि आगामी पुनः परीक्षा उच्चतम तकनीकी सुरक्षा के साथ आयोजित की जाये. छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए, मेडजेक्स ने घोषणा की है कि वे सभी नामांकित छात्रों के लिए निःशुल्क रिविजन बूट कैंप व मनो वैज्ञानिक परामर्श सत्र आयोजित करेंगे जिससे उनकी तैयारी की लय बनी रहें.
नीट-यूजी की परीक्षा शून्य समझौता नीति के तहत करें संचालित: आदित्य आनंद
नयी व्यवस्था करने की अपील
