एक से 19 साल तक के बच्चों को खिलाई जायेगी कृमि नाशक दवा

जिले में 18.25 लाख बच्चों को दवा देने का लक्ष्य

जिले में आगामी 04 मार्च को संचालित होगा विशेष अभियान, मॉपअप राउंड सात मार्च को कृमि संक्रमण की वजह से प्रभावित होता है बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास

प्रतिनिधि, अररिया

जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन आगामी 04 मार्च को किया जायेगा. मौके पर एक से 19 साल तक के बच्चों को कृमि नाशक खिलाने के उद्देश्य से जिले में विशेष अभियान संचालित किया जायेगा. अभियान के क्रम में दवा सेवन से वंचित बच्चों को दवा सेवन कराने के उद्देश्य से 07 मार्च को मॉपअप राउंड संचालित होगा. विभागीय स्तर से इसे लेकर जरूरी तैयारियां शुरू हो चुकी है. जिलाधिकारी अनिल कुमार ने अभियान की सफलता को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों को कई जरूरी दिशा निर्देश दिये हैं. जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आइसीडीएस सहित संबंधित अन्य विभागों के बीच बेहतर आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है. साथ ही अभियान के संबंध में विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट व सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान संचालित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है. उन्होंने बच्चों को दवा सेवन कराने के लिए जिम्मेदार कर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित करते हुए बच्चों की उम्र व निर्धारित दवा की मात्रा, दवा सेवन की विधि के बारे में विशेष तौर पर प्रशिक्षित करते हुए अभियान का व्यापक निगरानी व अनुश्रवण संबंधी इंतजाम सुनिश्चित कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है.

जिले में 18.25 लाख बच्चों को दवा देने का लक्ष्य

डीपीएम स्वास्थ्य संतोष कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में अभियान की सफलता को लेकर विभिन्न स्तरों पर जरूरी तैयारियां की जा रही है. शिक्षा, आईसीडीएस, जीविका सहित संबंधित अन्य विभागों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने को लेकर विशेष पहल की जा रही है. विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय, मदरसा, संस्कृत स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, तकनीकी संस्थान के प्रमुख से साथ विभिन्न स्तरों पर बैठक आयोजित कर उन्हें अभियान के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए इसकी सफलता में अपेक्षित सहयोग व समर्थन जुटाने का प्रयास किया जा रहा है. अभियान के क्रम में आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से 01 से 05 साल तक के बच्चे व 06 से 19 साल तक के स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को चिह्नित कर कृमि नाशक दवा का सेवन कराया जायेगा. वहीं स्कूली शिक्षकों की मदद से स्कूली बच्चों को दवा का सेवन कराया जायेगा. अभियान के तहत जिले में 18 लाख 25 हजार 390 बच्चों को दवा सेवन कराने का लक्ष्य निर्धारित है.

कृमि संक्रमण से प्रभावित होता बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी सह अभियान के नोडल अधिकारी डॉ मोईज ने बताया कि बच्चों में कृमि का संक्रमण व्यक्तिगत अस्वच्छता व संक्रमित दूषित मिट्टी के संपर्क से होता है. तो वहीं यह एनीमिया के मुख्य कारणों में से एक है. पेट में कृमि के अधिकता की वजह से बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास प्रभावित होता है. कृमि के दुष्प्रभाव से बच्चों व किशोरों को निजात दिलाने के उद्देश्य से आगामी 04 मार्च को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर जिले में विशेष अभियान संचालित किया जायेगा. अभियान के क्रम में 01 से 19 साल तक के बच्चों को कृमि नाशक दवा का सेवन कराया जायेगा. अभियान में किसी कारण दवा सेवन से वंचित बच्चों को दवा का सेवन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से 07 मार्च को मॉपअप राउंड संचालित किये जाने की जानकारी उन्होंने दी.

बच्चों को अवश्य खिलाएं कृमि की दवा

सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है. इससे बच्चों में खून की कमी, कुपोषण, थकान व पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है. इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रभावित होता है. उन्होंने अभियान के क्रम में निर्धारित आयु वर्ग के सभी बच्चों का दवा सेवन सुनिश्चित कराने की अपील अभिभावकों से की. अभियान की सफलता में उन्होंने सामूहिक प्रयास को महत्वपूर्ण बताया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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