भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाली युवतियों और महिलाओं को स्वावलंबी व आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने एक महत्वपूर्ण व सराहनीय कदम उठाया है.
गुरुवार को 52वीं वाहिनी एसएसबी अररिया द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम (Civic Action Programme) के अंतर्गत 31 दिवसीय नि:शुल्क महिला सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया. यह विशेष व्यावसायिक प्रशिक्षण भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के तकनीकी सहयोग से संचालित किया जा रहा है.
सीमावर्ती क्षेत्र की 20 महिलाओं को आधुनिक हुनर की सौगात
इस 31 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत-नेपाल सीमा से सटे सुदूर गांवों की 20 चयनित युवतियों और महिलाओं को शामिल किया गया है.
आरसेटी के कुशल प्रशिक्षकों द्वारा इन महिलाओं को पारंपरिक सिलाई के अलावा आधुनिक कटाई, सिलाई मशीनों का संचालन और नए दौर की फैशनेबल डिजाइनिंग का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी होकर अपने परिवार की आर्थिक रीढ़ बन सकें.
सीमा सुरक्षा के साथ सामाजिक उत्थान भी प्राथमिकता: कमांडेंट मितुल कुमार
प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए 52वीं वाहिनी के कमांडेंट मितुल कुमार ने जवानों और नागरिकों के बीच मधुर संबंधों पर बल दिया.
"सशस्त्र सीमा बल का दायित्व केवल अंतरराष्ट्रीय सीमा की चौकसी और सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है. सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना, युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी हमारे सेवा, सुरक्षा और बंधुत्व के ध्येय का अभिन्न अंग है." — मितुल कुमार, कमांडेंट, 52वीं वाहिनी एसएसबी अररिया
समारोह में उपस्थित रहे अधिकारी व गणमान्य
समारोह के दौरान दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशिक्षक मौजूद रहे.
कार्यक्रम में मुख्य रूप से एसएसबी के उप कमांडेंट उदय कुमार, उप कमांडेंट विनोद मीणा, एसबीआई आरसेटी के निदेशक किशोर कुमार यादव, संकाय सदस्य राम मोहन, शशांक शेखर, ऋषि कुमार, दीनदयाल सहित 52वीं वाहिनी के अन्य अधिकारी, जवान और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे. प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं युवतियों ने इस पहल पर खुशी जाहिर करते हुए इसे अपने भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया.
