नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने को प्रशासन सख्त, लगेंगे CCTV कैमरे; पूरे नेटवर्क पर होगा प्रहार

अररिया जिले में नेपाल सीमा से सटे इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने एक प्रभावी बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है. इसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, संयुक्त कार्रवाई और नशा सिंडिकेट के मुख्य सरगनाओं पर सीधी कार्रवाई शामिल है.

नेपाल सीमा से सटे अररिया जिले में मादक पदार्थों (Drugs) की अवैध तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है. सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और नशे के काले कारोबार से जुड़े पूरे सिंडिकेट पर प्रहार करने की तैयारी की गई है. प्रशासन का मानना है कि सीमा पार से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए सतत निगरानी के साथ-साथ जनभागीदारी भी बेहद जरूरी है.

संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर, लगेंगे CCTV कैमरे

जिलाधिकारी (DM) विनोद दूहन की अध्यक्षता में आयोजित 'एनसीओआरडी' (NCORD) की जिलास्तरीय समन्वय बैठक में सुरक्षा तैयारियों को लेकर कई अहम फैसले लिए गए:

  • सीसीटीवी निगरानी: सशस्त्र सीमा बल (SSB) द्वारा चिह्नित सीमावर्ती संवेदनशील स्थानों पर आवश्यकतानुसार सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि तस्करों की हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर रखी जा सके.
  • संयुक्त कार्रवाई: पुलिस, एसएसबी और मद्य निषेध विभाग की संयुक्त टीम सीमांत इलाकों में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाएगी.

केवल जब्ती नहीं, मुख्य सरगनाओं पर होगी सीधी कार्रवाई

प्रशासन की नई रणनीति केवल मादक पदार्थों को जब्त करने तक सीमित नहीं रहेगी. अवैध कारोबार के मुख्य आकाओं और उनके नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा:

  1. तस्करों और नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी धाराओं में कार्रवाई होगी.
  2. मामलों की समयबद्ध जांच (Time-bound Investigation) पूरी कर जल्द से जल्द अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी, ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके.

मेडिकल स्टोर और एग्री-गोदाम भी रहेंगे रडार पर

नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों और संदिग्ध भंडारण पर नकेल कसने के लिए:

  • दवा दुकानों की जांच: जिला औषधि निरीक्षक (Drug Inspector) पुलिस और एसएसबी के साथ मिलकर मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच करेंगे. प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर कड़ी निगरानी रहेगी.
  • कृषि भंडारण पर नजर: सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित कृषि गोदामों और स्टोरेज प्वाइंट्स पर भी विशेष नजर रखी जाएगी, ताकि वहां अवैध पदार्थों का भंडारण न किया जा सके.

पंचायतों के जरिए गांव-गांव चलेगा नशा विरोधी अभियान

जिलाधिकारी विनोद दूहन ने कहा कि नशा तस्करी पर नियंत्रण केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी मुद्दा है. पंचायत प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से ग्रामीण इलाकों में नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.

डीएम ने स्पष्ट किया कि अररिया के नेपाल सीमा से सटे होने के कारण सभी एजेंसियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी, ताकि एक नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सके.


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By Pankaj jha

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