अररिया जिले के भरगामा थाना क्षेत्र अंतर्गत पैकपार गांव में स्थित सुप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक बिषहरी स्थान मंदिर नाग पंचमी पर्व को लेकर पूरी तरह से सज-धजकर तैयार हो चुका है. आज सोमवार को नाग पंचमी के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ पारंपरिक रूप से बलि अर्पण किया जाएगा. शक्ति पीठ के रूप में विख्यात इस पावन स्थल पर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और मां बिषहरी का आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दराज के इलाकों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की पूरी संभावना है.
150 साल पुराना इतिहास और शक्ति पीठ के रूप में आस्था
स्थानीय बुजुर्गों और जानकारों के अनुसार, पैकपार का यह बिषहरी स्थान लगभग 150 वर्षों से भी अधिक पुराना है. यह क्षेत्रवासियों और सीमांचल के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख शक्ति पीठ और अटूट आस्था का केंद्र रहा है.
धार्मिक मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से मां बिषहरी के दरबार में शीश नवाता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. हर वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि (नाग पंचमी) के दिन यहां विशेष अनुष्ठान, तांत्रिक व वैदिक विधान से पूजा और एक दिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया जाता है.
एक दिवसीय मेले और पूजा को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह
नाग पंचमी के इस पावन उत्सव को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए पैकपार गांव के ग्रामीण और जनप्रतिनिधि पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नाग पंचमी के दिन यहां सुबह से ही दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग जाती हैं.
सक्रिय सहयोग देने वाले प्रमुख ग्रामीण व प्रतिनिधि:
- स्थानीय मुखिया धनंजय सिंह उर्फ भंटू सिंह
- अशोक कुमार सिंह और अनिल सिंह
- विश्वजीत सिंह पंकज और राकेश रंजन परिहार
- प्रवीण सिंह, पिंटू सिंह और आनंद सिंह
- प्रिंस राजा सिंह, पप्पू सिंह और बम शंकर सिंह
- राहुल सिंह, सचिन सिंह, सुमित सिंह, चंचल सिंह एवं आदित्य सिंह
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और मेले की व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
