अररिया. आगामी 12 सितंबर 2026 को व्यवहार न्यायालय अररिया में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) ने तैयारी तेज कर दी है. इसी कड़ी में सोमवार को डीएलएसए सचिव रोहित श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिले के सभी बैंक पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई. बैठक में बैंक से जुड़े अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों का निपटारा लोक अदालत के माध्यम से कराने की रणनीति पर चर्चा की गई.
कृषि, शिक्षा और वाहन ऋण मामलों के निपटारे पर जोर
डीएलएसए सचिव ने बैंक पदाधिकारियों से कहा कि बैंकों में बड़ी संख्या में सुलह योग्य ऋण मामले लंबित हैं. इनमें कृषि ऋण, शिक्षा ऋण, वाहन ऋण, एनपीए और अन्य समझौता योग्य मामले शामिल हैं. ऐसे मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में रखने से बैंक और ऋणी दोनों को राहत मिल सकती है.
OTS के जरिए कर्जमुक्त होने का मिलेगा अवसर
बैठक में ऋण मामलों के समाधान के लिए वन टाइम सेटलमेंट यानी OTS का लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया. डीएलएसए सचिव ने कहा कि पात्र ऋणी समझौते के माध्यम से अपने लंबित ऋण का निपटारा कर कर्जमुक्त हो सकते हैं. बैंकों को नोटिस में ब्याज में छूट और OTS से मिलने वाले संभावित लाभ की स्पष्ट जानकारी देने का निर्देश दिया गया.
सुलहनीय मामलों की सूची तैयार करने का निर्देश
डीएलएसए सचिव ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि वे अपने स्तर पर सुलहनीय मामलों की पहचान कर संबंधित पक्षकारों को समय पर नोटिस भेजें. साथ ही ऋणियों को राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर समझौते के माध्यम से मामले का समाधान कराने के लिए प्रेरित करने को कहा गया.
5 सितंबर तक देनी होगी अंतिम सूची
सभी बैंक शाखाओं को सुलहनीय मामलों की अंतिम सूची 5 सितंबर 2026 तक डीएलएसए को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. इसके आधार पर राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जाएगा.
कोर्ट-कचहरी के चक्कर से मिलेगी मुक्ति
डीएलएसए सचिव रोहित श्रीवास्तव ने कहा कि आपसी सहमति से मामलों का निपटारा होने पर वादकारियों को लंबे समय तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. वहीं बैंक के एनपीए में भी कमी लाने में लोक अदालत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
कई बैंकों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, ग्रामीण बैंक सहित विभिन्न निजी बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. अधिकारियों ने राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक सुलहनीय बैंक मामलों के निपटारे के लिए समन्वय के साथ कार्य करने पर सहमति जताई.
