परवाहा (अररिया) से रवीन्द्र कुमार यादव की रिपोर्ट
Badri Rishidev Murder: अररिया जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत भीट्ठा गांव में शुक्रवार की देर रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. एक 60 वर्षीय बुजुर्ग जब घर में गहरी नींद में सोए हुए थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से उनका गला रेतकर गंभीर रूप से घायल कर दिया. आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन जख्म गहरे होने के कारण पूर्णिया जीएमसीएच (GMCH) में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. पुलिस इस घटना को जमीनी और आपसी रंजिश से जोड़कर देख रही है.
सोए अवस्था में किया जानलेवा हमला, पूर्णिया में थमीं सांसें
इस खौफनाक वारदात और उसके बाद के घटनाक्रम का विस्तृत विवरण निम्नलिखित है:
- घर में सो रहे थे बुजुर्ग: भीट्ठा गांव निवासी बुधनी देवी के घर पर उनके 60 वर्षीय चाचा बद्री ऋषिदेव सोए हुए थे. देर रात जब हर तरफ सन्नाटा था, तब हमलावरों ने घर में घुसकर सोए हुए बद्री ऋषिदेव पर जानलेवा हमला कर दिया और धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया.
- अस्पताल दर अस्पताल रेफर: लहूलुहान स्थिति में चीख-पुकार सुनकर पहुंचे परिजनों ने उन्हें तुरंत रानीगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें अररिया सदर अस्पताल और फिर वहां से बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया जीएमसीएच रेफर कर दिया.
- पोस्टमार्टम के बाद शव सुपुर्द: पूर्णिया जीएमसीएच में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद बद्री ऋषिदेव जिंदगी की जंग हार गए और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. मौत के बाद पूर्णिया पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) कराया और फिर उसे रोते-बिलखते परिजनों के सुपुर्द कर दिया.
वारदात के पीछे जमीनी विवाद, दिन में हुआ था बांस काटने पर झगड़ा
मृतक का विवरण: हत्या के शिकार हुए बुजुर्ग की पहचान बद्री ऋषिदेव (उम्र 60 वर्ष), पिता- मंगल ऋषिदेव, निवासी- भीट्ठा, थाना रानीगंज, जिला अररिया के रूप में हुई है.
स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस वीभत्स हत्याकांड के पीछे मुख्य वजह बुधनी देवी और हमलावरों के बीच लंबे समय से चला आ रहा जमीनी विवाद है. स्थानीय लोगों ने बताया कि शुक्रवार के दिन भी दोनों पक्षों के बीच बांस काटने को लेकर भारी विवाद और नोकझोंक हुई थी. इसी रंजिश का बदला लेने के लिए हमलावरों ने देर रात इस खूनी खेल को अंजाम दिया.
एसडीपीओ और थानाध्यक्ष ने संभाला मोर्चा, 5 आरोपी पुलिस कस्टडी में
प्रशासनिक कार्रवाई और बयान:
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए और गांव में व्याप्त तनाव को नियंत्रित करने के लिए अररिया एसडीपीओ (SDPO) सुशील कुमार और रानीगंज थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार भारी पुलिस बल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस की तकनीकी और खोजी टीम ने घटनास्थल का सघन निरीक्षण किया और साक्ष्य संकलित किए.
एसडीपीओ सुशील कुमार का आधिकारिक बयान:
मामले की पुष्टि करते हुए एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया, “शुरुआती जांच में सामने आया है कि शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच बांस काटने को लेकर हिंसक झड़प हुई थी, जिसके बाद देर रात इस वारदात को अंजाम दिया गया. पूर्णिया में मृतका के परिजनों का फर्द बयान (आधिकारिक बयान) दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में पूछताछ और तफ्तीश के लिए 5 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है. घटना के हर बिंदु पर गहन छानबीन की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.”
