ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में फारबिसगंज बंद, थोक और खुदरा मेडिकल दुकानें रहीं बंद

Araria news: हड़ताल के कारण शहर का रेफरल अस्पताल रोड, जहां आम दिनों में मरीजों और लोगों की भीड़ रहती है, पूरी तरह सुनसान नजर आया. मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

Araria news: फारबिसगंज से मो. कलीम उद्दीन की रिपोर्ट:

ऑनलाइन फार्मेसी और ड्रग एक्ट में संशोधन के विरोध में बुधवार को फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र में दवा दुकानदारों ने हड़ताल की. ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स तथा बिहार केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर शहरी और ग्रामीण इलाकों की सभी थोक और खुदरा दवा दुकानें बंद रहीं.

हड़ताल के कारण शहर का रेफरल अस्पताल रोड, जहां आम दिनों में मरीजों और लोगों की भीड़ रहती है, पूरी तरह सुनसान नजर आया. मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

इमरजेंसी के लिए तीन मेडिकल दुकानें खुली रहीं

मरीजों को आपातकालीन दवाओं की सुविधा देने के लिए फारबिसगंज केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने शहर में तीन मेडिकल दुकानों को खुला रखने का निर्णय लिया था. इसके तहत रेफरल अस्पताल रोड स्थित अंकुर मेडिकल हॉल, न्यू ब्लू मेडिमिक्स और केशव मेडिकल हॉल को इमरजेंसी सेवा के लिए खोला गया.

इन दुकानों के खुले रहने से गंभीर मरीजों और जरूरतमंद लोगों को कुछ राहत मिली.

ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ जताया विरोध

दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से नकली और बिना पर्ची दवाओं का खतरा बढ़ रहा है. साथ ही छोटे और मध्यम स्तर के दवा कारोबारियों का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है.

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सरकार से ऑनलाइन फार्मेसी पर सख्त नियंत्रण और ड्रग एक्ट में आवश्यक संशोधन की मांग की.

हड़ताल को सफल बनाने में जुटे रहे पदाधिकारी

हड़ताल को सफल बनाने के लिए फारबिसगंज केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अवधेश कुमार साह, सचिव मनोज कुमार भारती, संरक्षक विनोद सरावगी, संगठन सचिव मणिशंकर कुमार, गणेश प्रसाद यादव और कोषाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता समेत अन्य सदस्य सुबह से ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करते रहे.

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Published by: Shruti Kumari

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