Araria News: नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके सामाजिक दुष्प्रभावों को देखते हुए अररिया जिला प्रशासन ने जनजागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. शुक्रवार को समाहरणालय स्थित परमान सभागार में आयोजित नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के तहत बड़ी संख्या में जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी और समाज के प्रबुद्धजन एकत्र हुए और नशामुक्त समाज बनाने का सामूहिक संकल्प लिया.
कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन और प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. इस अवसर पर जिला पदाधिकारी विनोद दूहन और ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र की बीके उर्मिला बहन ने सभी उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई.
नशा व्यक्ति ही नहीं, पूरे समाज को नुकसान पहुंचाता है: DM
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है.
उन्होंने कहा कि स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज के निर्माण के लिए नशामुक्त जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें.
10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा अभियान की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से संचालित 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा अभियान का भी शुभारंभ किया गया.
सेवा केंद्र की बीके उर्मिला बहन ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं सहित समाज के सभी वर्गों को नशे के नुकसान के प्रति जागरूक करना और नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है.
उन्होंने कहा कि केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे. समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही नशे के खिलाफ प्रभावी वातावरण तैयार किया जा सकता है.
युवाओं पर विशेष फोकस
अभियान के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि नशे की लत युवाओं के भविष्य, शिक्षा, रोजगार और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालती है.
इसलिए विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि नई पीढ़ी को नशे से बचाया जा सके.
Araria News: जनभागीदारी से बनेगा नशामुक्त समाज
कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रबुद्धजनों ने नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने और अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया.
आयोजकों ने बताया कि यह अभियान आगे भी विभिन्न संस्थानों, शैक्षणिक परिसरों और सामाजिक मंचों के माध्यम से जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग नशामुक्ति प्रतिज्ञा से जुड़ सकें और जिले में सकारात्मक सामाजिक बदलाव का वातावरण तैयार हो.
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