अररिया जिले को बाल श्रम, बाल विवाह और मानव तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों से पूरी तरह मुक्त बनाने के उद्देश्य से फारबिसगंज अनुमंडल मुख्यालय में एक विशेष अभियान चलाया गया. बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा संचालित 'नया सवेरा 3.0' (Naya Savera 3.0) कार्यक्रम के तहत जागरण कल्याण भारती (फारबिसगंज), जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन और अररिया जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में यह व्यापक जागरूकता अभियान आयोजित किया गया.
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में चलाया गया सघन अभियान
श्रम अधीक्षक अररिया अमृत कुमार के नेतृत्व में जिले के सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों (LEO) और सामाजिक संस्थाओं ने फारबिसगंज शहर के विभिन्न बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का दौरा किया:
- शपथ पत्र भरवाए गए: टीम ने दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों को बाल श्रम से जुड़े कानूनी नियमों की जानकारी दी और उनसे किसी भी परिस्थिति में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम न कराने को लेकर औपचारिक शपथ पत्र (Undertaking/Affidavit) भरवाया.
- बाल श्रम मुक्त अररिया का संकल्प: इस दौरान व्यापारियों को समझाया गया कि बच्चों का स्थान काम पर नहीं, बल्कि स्कूल में है.
"1098 और 112 पर दें सूचना, नाम रखा जाएगा गुप्त"
अभियान के दौरान श्रम विभाग के अधिकारियों और संस्था के प्रतिनिधियों ने आम नागरिकों व व्यापारियों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की:
प्रशासनिक अपील: "यदि समाज या बाजार में कहीं भी बच्चों से बाल श्रम कराया जा रहा हो, बाल विवाह का मामला हो या मानव तस्करी (Child Trafficking) की आशंका दिखे, तो बिना डरे तुरंत टोल-फ्री चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना दें. सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पता पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा."
अधिकारी व स्थानीय लोग रहे मौजूद
बाल अधिकार एवं सुरक्षा को समर्पित इस विशेष अभियान के दौरान श्रम विभाग के विभिन्न प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, जागरण कल्याण भारती व जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के प्रतिनिधि, स्थानीय पुलिस बल और फारबिसगंज बाजार के बड़ी संख्या में व्यापारी व प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे.
