Bihar Bridge Collapse: 12 करोड़ के बाद अब करोड़ों का पुल धंसा, चुनावी मौसम में सरकार और विभाग में हड़कंप

Bihar News: अररिया जिले में पुलों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. सिकटी के पड़रिया पुल धंसने के बाद अब फारबिसगंज प्रखंड के कौआचार गांव को जोड़ने वाला पुल भी ध्वस्त हो गया है. 3.80 करोड़ की लागत से बना यह पुल कुछ ही वर्षों में जर्जर होकर आवागमन के लिए बंद कर दिया गया.

Bihar Bridge Collapse, मृगेंद्र मणि सिंह: अररिया जिले में पुल निर्माण की लापरवाहियों पर एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं. सिकटी विधानसभा क्षेत्र के बकरा नदी पर पड़रिया में बना पुल धंसने की घटना अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि अब फारबिसगंज प्रखंड को सांसद प्रदीप कुमार सिंह के पैतृक गांव कौआचार से जोड़ने वाला पुल भी खतरे में आ गया है. बताया जा रहा है कि परमान नदी पर बने इस पुल का बीच का पाया अचानक धंस गया, जिससे आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है.

ग्रामीणों ने क्या बताया

ग्रामीणों के अनुसार, यह पुल वर्ष 2019 में करीब 3 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से तैयार किया गया था. स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल निर्माण में गंभीर अनियमितताएं हुई थीं, जिसकी वजह से कुछ ही वर्षों में इसकी हालत जर्जर हो गई. इस घटना ने विभागीय अधिकारियों और सरकार को बिहार विधानसभा चुनाव के बीच परेशानी में डाल दिया है.

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हर तरफ से उठ रहे सवाल

इससे पहले 18 जून 2024 को सिकटी प्रखंड के पड़रिया में बकरा नदी पर बन रहा 12 करोड़ रुपये का पुल भी धंस गया था. दोनों पुलों का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग, अररिया द्वारा ही कराया गया था, जिससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं.

इस मामले पर ग्रामीण कार्य विभाग के इंजिनियर चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि पुल के धंसने की जानकारी पहले ही विभाग को मिल गई थी. इस संबंध में 30 अक्टूबर 2025 को विभाग को पत्र भेजा गया था. आज स्थिति को देखते हुए डीएम और एसपी को भी बताया गया है ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

उन्होंने कहा कि संवेदक की पांच वर्ष की गारंटी अवधि समाप्त हो चुकी है, फिर भी पुल की आयु और निर्माण गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी. विभागीय आदेश के तहत दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

दोनों पुल के संवेदक भले हीं अलग-अलग, लेकिन विभाग है एक

ग्रामीण कार्य विभाग अररिया अनियमितता का बड़ा नाम बन गया है. यह अब दिखने लगा है कि इस विभाग में काम की निगरानी और गुणवत्ता भगवान भरोसे है. सिकटी के पड़रिया में बकरा नदी पर निर्माणाधीन 12 करोड़ रुपये का पुल हो या कौआचार जाने वाली कविलाशा पुल इन दोनों पुलों के संवेदक भले ही अलग-अलग हों, लेकिन इन दोनों पुलों के निर्माण कराने वाला विभाग अररिया ग्रामीण कार्य विभाग हीं है. इस पुल को बनाने के लिए 4.15 करोड़ रुपया का एस्टीमेट हुआ था और निर्माण में 3.80 करोड़ लगे थे. इस पुल की लम्बाई 129 मीटर थी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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