जोकीहाट. एग्री स्टैक परियोजना अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के लिए सभी किसानों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है. इस कार्य में संतोषजनक प्रगति नहीं होने की स्थिति में विभाग द्वारा फिर से दो फरवरी 2026 से 06 फरवरी 2026 तक जिले में पुनः फार्मर रजिस्ट्री के लिए विशेष अभियान संचालित किया गया. इस क्रम में जोकीहाट प्रखंड के प्रसादपुर व भसिया पंचायत में पदस्थापित कृषि समन्वयक धर्मपाल सिंह के द्वारा आवंटित लक्ष्य के विरुद्ध प्रगति नगण्य होने के कारण डीएओ गौरव प्रताप सिंह ने उन्हें निलंबित कर दिया है. लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं होने के कारण प्रखंड कृषि पदाधिकारी त्रिभुवन राम द्वारा श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गयी थी, जो अप्राप्त रही. सीओ-सह- बीडीओ दुर्गेश कुमार के अवलोकन से यह भी स्पष्ट हुआ कि धर्मपाल सिंह अपने कार्यालय व कार्य क्षेत्र से अनुपस्थित रहते हैं. दूरभाष के माध्यम से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया. लेकिन उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया. श्री सिंह द्वारा अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता व उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की गई है. साथ ही फार्मर रजिस्ट्री व ई-केवाईसी जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण सरकारी कार्य को विफल करने का प्रयास उनके आचरण को दर्शाता है, जो बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के प्रतिकूल है. फलस्वरूप, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण व अपील) नियमावली, 2005 के नियम 1 (क) के अंतर्गत धर्मपाल सिंह कृषि समन्वयक पंचायत-प्रसादपुर व भसिया, प्रखंड-जोकीहाट को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कुर्साकाटा के अधीन निर्धारित किया गया है. यह आदेश जिला कृषि पदाधिकारी अररिया द्वारा जारी किया गया है. साथ ही बीएओ जोकीहाट को निर्देश दिया गया है कि एक सप्ताह के भीतर श्री सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालन के लिए प्रपत्र ‘क’ में आरोप पत्र गठित कर सक्षम प्राधिकारी के कार्यालय में भेजने का निर्देश डीएओ गौरव प्रताप सिंह ने दिया है. कृषि समन्वयक के निलंबन से कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है.
लापरवाही पर कृषि समन्वयक निलंबित
मामला जोकीहाट के प्रसादपुर व भंसिया पंचायत के कृषि समन्वयक का
