नहीं मिली जगह, लगता है जाम

परेशानी . दो हजार फुटकर विक्रेता सड़क किनारे दुकान चलाने को हैं विवश डीएम एम सरवणन के समय से ही फुटकर विक्रेताओं को वेडिंग जोन के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है. पहले हरियाली मार्केट का हुआ था चयन, जहां अब शिक्षण संस्थान बनने जा रहा है. अररिया : नगर परिषद के […]

परेशानी . दो हजार फुटकर विक्रेता सड़क किनारे दुकान चलाने को हैं विवश

डीएम एम सरवणन के समय से ही फुटकर विक्रेताओं को वेडिंग जोन के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है. पहले हरियाली मार्केट का हुआ था चयन, जहां अब शिक्षण संस्थान बनने जा रहा है.
अररिया : नगर परिषद के पास अपनी जमीन नहीं होने का नतीजा यह है कि आज भी शहर में चल रहे यत्र-तत्र फुटकर विक्रेताओं के लिए वेडिंग जोन का निर्धारण नहीं हो पाया है. इस कारण शहर की सुंदरता में सड़कों पर व्यवस्थित फुटकर विक्रेताओं के कारण सेंध लगता नजर आ रहा है, जबकि सड़क जाम की समस्या भी आम बात है. जीविकोपार्जन के लिए धंधा चलाने की मजबूरी ने फुटकर विक्रेताओं को सड़क के किनारे दूकान लगाने के लिए विवश कर दिया है. हालांकि मुख्यमंत्री सात निश्चय यात्रा के दौरान अररिया पहुंच रहे हैं.
उनके आगमन से वर्षों से लंबित वेडिंग जोन के निर्माण की कवायद अगर पूरी हो जाये तो यह फुटकर विक्रेताओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा. कुछ समय पूर्व इस दिशा में सरकारी स्तर पर काफी कवायदें की गयी लेकिन नतीजा अब भी शून्य है.
पनार नदी के तट पर बनाया गया था हरियाली मार्केट शहर से सटे पनार नदी के तट पर पूर्व डीएम एम सरवणन के द्वारा हरियाली मार्केट का निर्माण कराये जाने की आधारशिला रखी गयी. लेकिन वहां पर भी वेडिंग जोन का निर्माण नहीं हो पाया है. अब जो जानकारी आ रही है कि उक्त जमीन जो कि बिहार सरकार की थी वहां पर मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पुलिस लाइन आदि के निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है. ऐसे हालत में वेडिंग जोन के लिए चयनित वह स्थल भी नगर परिषद के हाथ से निकल गया. दूसरी तरफ विगत छह माह पूर्व चांदनी चौक के पास पड़ी जमीन पर वेडिंग जोन बनाने का निर्णय लिया गया.
टीवीसी की बैठक में चांदनी चौक व नहर के पास वेडिंग जोन के निर्माण के लिए प्रस्ताव भी पारित हुआ. प्रशासनिक कवायद भी हुई. नप की जानकारी में था कि यह जमीन पीएचइडी की है. पीएचइडी के संबंधित अधिकारियों से जमीन स्थानांतरण की प्रक्रिया पर बातचीत भी लगभग पूरी हो गयी थी. लेकिन चांदनी चौक के पास जब जमीन कि मापी की प्रक्रिया शुरू की गयी तो जिला परिषद ने उक्त जमीन अपना होने का दावा पेश कर दिया. नतीजा सारी कवायद धरी की धरी रह गयी. वहीं अंतिम आस के रूप में सिंचाई प्रमंडल के जमीन पर नहर के पास वेडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव अभी प्रक्रियाधीन है. जहां वेडिंग जोन के निर्माण की संभावना बची हुई है.
दो हजार फुटकर विक्रेता को वेंडिंग जोन बनाकर करना है स्थापित नप क्षेत्र में नाश्वी द्वारा कराये गये सर्वे के आधार पर दो हजार फुटकर विक्रेता को चयनित किया गया है. लगभग एक माह पूर्व टीवीसी की बैठक में चयनित फुटकर विक्रेता की पहचान कर उनका रिपोर्ट भी एनयूएलएम को भेज दी गयी थी. जानकारी अनुसार प्रति फुटकर विक्रेता को वेडिंग जोन के तहत बने शेड में 40 वर्ग कड़ी का स्थान दिया जायेगा. अगर दो हजार फुटकर विक्रेता को स्थापित किया जाना है तो इसके लिए 80 हजार वर्ग कड़ी का स्थान कम से कम चाहिए.
कहते हैं एनयूएलएम के प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर
समीक्षा के क्रम में पहुंचे डे एनयूएलएम के प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर गणेश कुमार ने इस संबंध में बताया कि पूर्व से चिह्नित जमीन को अगर सरकार द्वारा अन्य निर्माण कार्य के लिए चिह्नित कर लिया गया है तो वहां पर अब वेडिंग जोन का निर्माण नहीं हो सकता. लेकिन वेडिंग जोन का निर्माण कर फुटकर विक्रेता को स्थापित करना आवश्यक है. इसके लिए चाहे वह सिंचाई विभाग की जमीन हो या फिर जिला परिषद की उससे हेंड ओवर लेने की प्रक्रिया के लिए नप नगर विकास विभाग को प्रस्ताव भेजें, जहां से जमीन के आवंटन को लेकर आवश्यक कार्रवाई को जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जायेगा.
सड़क किनारे यत्र-तत्र स्थित फुटकर विक्रेता व पूर्व डीएम द्वारा चयनित हरियाली मार्केट.

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