किसान कहां बेचेंगे अपना धान

जिले में 22 डिफॉल्टर पैक्सों के पास डेढ़ करोड़ का बकाया, इन पैक्सों में छह वर्षों से धान की अधिप्राप्ति नहीं हुई है. मृगेंद्र मणी अररिया : रामपुर कोदरकट्टी पैक्स की अंकेक्षण प्रक्रिया को पूरा करने की कवायद में सहकारिता विभाग जी जान से जुटा हुआ है. 31 मार्च 2015 तक के अंकेक्षण कार्य से […]

जिले में 22 डिफॉल्टर पैक्सों के पास डेढ़ करोड़ का बकाया, इन पैक्सों में छह वर्षों से धान की अधिप्राप्ति नहीं हुई है.
मृगेंद्र मणी
अररिया : रामपुर कोदरकट्टी पैक्स की अंकेक्षण प्रक्रिया को पूरा करने की कवायद में सहकारिता विभाग जी जान से जुटा हुआ है. 31 मार्च 2015 तक के अंकेक्षण कार्य से वंचित पैक्सों को धान अधिप्राप्ति से दूर रखने की बात कही जा रही थी. लेकिन रामपरु कोदरकट्टी पंचायत में मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों से लेकर सहकारिता विभाग के कर्मी वहां पर बगैर अंकेक्षण के ही धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया शुरू करने जा रहे हैं.
हालांकि अररिया प्रखंड के बीसीओ यह जरूर कह रहे हैं कि पैक्स के सभी आवश्यक कागजात ले लिये गये हैं. दो से चार दिन के अंदर अंकेक्षण की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. वैसे भी जिला सहकारिता कार्यालय अब यह भी कहता दिख रहा है कि दस दिसंबर तक अंकेक्षण की प्रक्रिया को बढ़ा दिया गया है. मतलब दस दिसंबर तक बचे पैक्स अंकेक्षण कार्य करा कर धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं. लेकिन एक बात तो यह भी है कि बचे पैक्स में अंकेक्षण के लिए हाय-तौबा क्यों होगा. वहां मुख्यमंत्री थोड़े ही आ रहे हैं. जिस प्रकार मुख्यमंत्री के रामपुर कोदरकट्टी पंचायत में संभावित कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन किसी भी प्रकार की चूक नहीं करना चाह रहा है.
काश! जिले के 22 डिफॉल्टर पैक्स व अंकेक्षण से वंचित 95 पैक्सों के किसानों की समस्या को दूर करने के लिए भी प्रशासन इसी प्रकार से सतर्कता बररता तो वहां के पैक्सों के किसान वित्तीय वर्ष 2011-12 से अब तक धान अधिप्राप्ति से वंचित नहीं रहते. इन पैक्सों के मजबूर किसान मुख्यमंत्री से यही अपील कर रहे हैं कि काश मुख्यमंत्री की नजरें इनायत यहां भी पड़ जाती तो कुछ भला हम किसानों का भी हो जाता.
छह प्रखंडों के 22 पैक्सों में वित्तीय वर्ष 2011-12 से ही नहीं हो रहा है अधिप्राप्ति कार्य : जानकारी अनुसार रामपुर कोदरकट्टी के जैसे ही जिले के 218 पैक्स व नौ व्यापार मंडल में से 95 पैक्स व चार व्यापार मंडल ऐसे हैं, जिनका अंकेक्षण कार्य पूरा नहीं हो पाया है. इन 95 पैक्सों में ऐसे भी पैक्स है जो कि कई वर्षों से डिफॉल्टर चल रहे हैं. जिले के छह प्रखंड के 22 पैक्सों के पास एक करोड़ 68 लाख आठ हजार 366 रुपये का बकाया है. यह राशि वित्तीय वर्ष 2012-13 व 2013-14 के ही अधिप्राप्ति या अन्य मद का है, जहां के शत-प्रतिशत किसान हर वर्ष धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया से वंचित रह जा रहे हैं.

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