स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में : एसपी
महादलित टोले में आगजनी की घटना पर उठने लगे सवाल
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की चूक आयी सामने
पुलिस की तत्परता में कमी से गांव फिर हुआ अशांत
आगजनी की घटना से सुरक्षा व्यवस्था की खुल गयी पोल
रानीगंज : हत्या की घटना के बाद परमानंदपुर गांव के संवेदनशील टोला में पुलिस अधिकारियों की सक्रियता तेज हो गयी थी. रात भर हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी व गांव में शांति बहाल करने को लेकर दर्जनों पुलिस कर्मी व अधिकारी लगे रहे. लेकिन सुबह होते ही सब कुछ शिथिल हो गया. पुलिस पदाधिकारी की कथित लापरवाही कहें या फिर उदासीनता के कारण देखते ही देखते गांव फिर से अशांत हो गया. एक तरफ पुलिस के वरीय अधिकारी द्वारा गांव के हालात को देखते हुए रानीगंज थानाध्यक्ष को विशेष चौकसी बरतने व पर्याप्त बल की तैनाती का निर्देश दिया गया था.
पुलिस अधिकारी भी सभी संवेदनशील टोला में पुलिस कर्मी द्वारा कैंप किये जाने की बात कह रहे हैं. इसके बावजूद एक दर्जन से अधिक घरों का जल जाना कहीं न कहीं पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की दावे की पोल खोल रही है. आधा घंटा तक एक-एक घर जलता रहा, लेकिन आग बुझाने को लेकर न तो पीड़ित भय के कारण सामने आये और न ही ग्रामीणों ने पहल की. पुलिस के पहुंचने के बाद धीरे-धीरे स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने लगी. पुलिस को देखते ही पीड़ित भी मदद की गुहार लगाने मौके पर पहुंचे. एएसपी मो कासीम ने कहा कि महादलितों का आधा दर्जन अलग-अलग टोला है. सभी जगह पर पुलिस बल की तैनाती की गयी थी.
इसके बावजूद भी आग की घटना सामने आयी है. इसकी जांच की जायेगी. साथ ही पीड़ित परिवार के लोगों के क्षति की भरपायी को लेकर समुचित कार्रवाई की जायेगी. एएसपी ने निगरानी में चूक होने की बात स्वीकार करते हुए घटना के प्रति जवाबदेह पुलिस कर्मी के विरुद्ध कार्रवाई से इंकार किया. बहरहाल पुलिस की तत्परता में कमी के कारण महादलितों के घर जल जाने की बात सामने आ रही है. इससे विवाद की स्थिति सुधरने की जगह बढ़ने की बात हो रही है.
