आगजनी की घटना के बाद विलाप करते पीड़ित परिवार के बच्चे.
जल गया आशियाना-बिखर गया सपना, सुरक्षा की हो रही चिंता
रानीगंज : परमानंदपुर गांव के लक्षतर ऋषिदेव टोला में शनिवार को आगजनी की घटना के बाद पीड़ितों की चीख गूंजने लगी. पुलिस पदाधिकारी के पैरों से लिपट कर पीड़ित मदद की गुहार लगाते नजर आये. वहीं एएसपी व एसडीएम के समक्ष अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर पीड़ित व उसके परिजन फरियाद लगा रहे थे.
नजर के सामने जलते घर को देख बदहवाश नेमानी ऋषिदेव की पत्नी हीरा देवी बार-बार जल्दी आग बुझाने की अपील कर रही थी. अलग-अलग दुहाई देते हुए अपने किस्मत को कोस रही थी. वहीं वार्ड सदस्या हरिलाल ऋषिदेव की पत्नी हकरी देवी ने कहा कि सुबह से ही आरोपियों का हुजूम गांव में जुटने लगा था. संबंधित लोगों के आक्रोश को देखते हुए धीरे-धीरे सभी महादलित परिवार के लोग घर छोड़ कर भागने पर मजबूर हो गये. इस बीच आरोपियों ने मिल कर घर में आग लगा दिया दिया.
इसके साथ ही मवेशी व घर में रखे अनाज भी लूट कर ले जाने का आरोप वार्ड सदस्या ने लगायी है. विनोद ऋषिदेव की पत्नी ललिता देवी ने कहा कि मेहनत-मजदूरी करके घर में अनाज इकट्ठा किये थे. सब कुछ जल गया. जलते हुए घर को बुझाने के प्रयास में लगी ललिता ने अधिकारियों को अपनी व्यथा सुनायी. बुजुर्ग कारी देवी अपने चार पोता व पोती से लिपट कर चीत्कार कर रही थी.
अपना आंसू पोछते हुए कारी देवी ने कहा कि रात में ही बीमार बेटा गिरिजानंद ऋषिदेव की जान बचाने के लिए बहू किरण देवी लेकर चली गयी. सभी बच्चों को बुजुर्ग दादी के हवाले कर गयी. सुबह में रोते-बिलखते पोती राधा, सपना, राजमनी व पोता इंद्रजीत की भूख मिटाने के लिए पड़ोस की गांव में भीख मांगने गयी थी. वापस लौटी तो अपना घर आग में पूरी तरह से राख मिला. मालूम हो कि शुक्रवार को हत्याकांड के बाद से महादलित टोला के सभी पुरुष घर छोड़ कर भाग गये हैं. टोला में बाकी बची महिलाएं व बच्चे अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे.
