जिले के सभी छोटे-बड़े बाजारों में धनतेरस व दीपावली की रौनक बिखरने लगी है. बाजार की दुकानें धनतेरस को ले नये नये इलेक्ट्रॉनिक घरेलू उत्पादों से सज गयी हैं. शहर के चांदनी चौक, बस स्टैंड, एडीबी चौक, काली मंदिर व हटिया रोड में स्थित दुकानों में धनतेरस को ले चहल पहल अभी से ही दिखने लगी है.
अररिया : धनतेरस के अवसर पर धन की देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उनके पूजनोत्सव पर नये चीजों के खरीदारी के चलन से दुकानदारों को बेहतर व्यवसाय की उम्मीद है. बाजार के जानकार मानते हैं कि इस शुभ अवसर पर जिलावासी अपने जरूरत के हिसाब से जबरदस्त खरीदारी करते हैं. इसमें सोना- चांदी से बने आभूषण के अलावा मोटर वाहन व घरेलू उपयोग के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की बिकवाली जारों पर होती है.
इस खास मौके पर स्थानीय व्यवसायी भी अपने ग्राहकों को नये व आकर्षक उत्पाद की अलग अलग वेराइटी उपलब्ध कराने की होड़ होती है. स्वर्ण व्यवसायी ओम प्रकाश गुप्ता के मुताबिक धनतेरस के मौके पर वे अपने ग्राहकों को नये डिजाइन के आभूषण रियायती दरों में उपलब्ध करायेगी. इसके अलावा मोटरवाहन विक्रेता पवन मोर्टस के अनुसार इस बार धनतेरश को लेकर हीरो होंडा की सभी मोडल की बाइक ग्राहकों के लिए अलग अलग रंगों में उपलब्ध कराया गया है. इसके अलावा बाइक की खरीदारी पर किश्तवार भुगतान का इंतजाम भी पहली बार किया गया है.
बाजारों में भीड़ बढ़ने से तंग हुई बाजार की सड़क : दीपावली को लेकर खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ रही लोगों की भीड़ की वजह से स्थानीय स्तर पर कुछ समस्याएं घड़ी होने लगी है. सड़क के किनारे स्थानीय व फुटकर विक्रेताओं द्वारा अपने स्टॉल लगाये जाने से बाजार की सड़कें बेहद तंग हो चुकी है. इसके अलावा बाजार पहुंचने वाले लोगों द्वारा अव्यवस्थित तरीके से वाहनों की पार्किंग किये जाने से ये समस्या और भी गंभीर होने लगी है. शहर का मुख्य चौराहा चांदनी चौक पर जाम की समस्या इन दिनों भयावह रूप ले चुकी है. अपने काम से बाजार पहुंचने वाले लोगों को दिन में कई बार जाम से जूझना पड़ता है.
युवाअों में है बाइक का क्रेज
प्रदोष काल में करें खरीदारी
पांच दिवसीय पर्व दीपावली की शुरुआत शुक्रवार से आरंभ हो रही है. धनतेरस पर खरीदारी के लिए प्रदोष काल सबसे उत्तम माना जाता है. शुक्रवार की शाम 06:20 बजे तक खरीदारी का बेहतर समय माना गया है, जबकि शनिवार को छोटी दीपावली मनायी जायेगी. छोटी दीपावली के साथ ही काली पूजा भी मनायी जायेगी.
पंडित पंकज झा के अनुसार काली पूजा का योग अर्धरात्रि से होता है. श्री झा ने बताया कि चूंकि शुक्रवार की शाम 06:20 बजे से चर्तुदशी आरंभ होगी, जो शनिवार शाम 07:55 में समाप्त हो जायेगी. इसके बाद अमावस्या आरंभ होगा, जो रविवार की रात 09:45 बजे समाप्त होगा. ऐसे में काली पूजा शनिवार की अर्धरात्रि में ही बेहतर होगा. वही रविवार को दीपावली मनायी जायेगी. दीपावली के मौके पर पूजन का श्रेष्ठ समय सुबह से लेकर देर रात्रि तक है. चौथे दिन सोमवार को गोवर्धन पूजा होगी. वहीं पांचवें दिन मंगलवार को भगवान चित्रगुप्त की पूजा होगी.
किस राशि के जातक क्या खरीदें
मेष : सोना व पीतल
वृष – चांदी व स्टील
मिथुन – सोना, चांदी, पीतल
कर्क – चांदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान
सिंह : सोना, पीतल, तांबा
कन्या : सोना, चांदी, पीतल
तुला : चांदी, स्टील, इलेक्ट्रॉनिक सामान
वृश्चिक : सोना, पीतल
धनु : सोना, सिक्का
मकर : सोना, चांदी, स्टील
कुंभ : सोना, चांदी, वाहन
मीन : सोना, पीतल
