अररिया/भरगामा : सैंया भये कोतवाल, अब डर काहे का. इसी तर्ज पर भरगामा प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित एक पंचायत सचिव अपना रौब रुतवा रहे हैं. लेकिन यहां कहावत में थोड़ा बदलाव है, यहां सैंया नहीं, बल्कि बीडीओ भये कोतवाल तो अब डर काहे का वाली कहावत चरितार्थ हो रही है. ऐसा इसलिए कि प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित एक पंचायत सचिव परिवहन नियमों की धज्जी उड़ा रहे हैं.
भरगामा के प्रखंड कर्मी खुलेआम उड़ा रहे परिवहन नियमों की धज्जियां
अररिया/भरगामा : सैंया भये कोतवाल, अब डर काहे का. इसी तर्ज पर भरगामा प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित एक पंचायत सचिव अपना रौब रुतवा रहे हैं. लेकिन यहां कहावत में थोड़ा बदलाव है, यहां सैंया नहीं, बल्कि बीडीओ भये कोतवाल तो अब डर काहे का वाली कहावत चरितार्थ हो रही है. ऐसा इसलिए कि प्रखंड कार्यालय […]

इतना ही नहीं इन पंचायत सचिव विमल यादव की हनक तो देखिये, ये साहब अपने वाहन बीआर 11 वाई-1563 (इक्को स्पोर्ट) पर लगे नंबर प्लेट पर बड़े और सुनहरे अक्षरों में बिहार सरकार प्रभारी पंचायत राज पदाधिकारी, भरगामा, अररिया का बोर्ड लगाकर शान से कार्यालय आ और जा रहे हैं. इन्हें न तो परिवहन विभाग के अधिकारी न ही जिला प्रशासन की किसी कार्रवाई की ही दहशत है.
ये अपनी गाड़ी भी बीडीओ के वाहन के पास ही खड़े करते हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि न तो प्रखंड कार्यालय की मुखिया बीडीओ न ही अन्य किसी अधिकारी की ही नजर इस पर पड़ रही है. और वे अपनी गाड़ी पर बेखौफ अपनी शान में कहीं भी बिहार सरकार का बोर्ड लगाकर अपनी धाक जमाते नजर आ जाते हैं. प्रखंड कार्यालय की गलियारों में ही चर्चा आम है कि ये कथित रूप से बीडीओ के खासम-खास हैं, इसलिए इन पर अंगुली उठाने की हिमाकत कोई नहीं करते.
यहां बता दें कि किसी भी प्रकार के गैर सरकारी व सरकारी वाहनों के नंबर प्लेट पर किसी भी तरह के पद का लिखा होना (गजटेड ऑफिसर को छोड़कर) पूर्व में ही प्रतिबंधित कर दिया गया है. बहरहाल, मसला जो भी यह न तो परिवहन विभाग के नियम के तहत न ही सरकारी आदेश के नियमानुकूल है.
जीपीएस के भी अतिरिक्त प्रभार में हैं विमल : बताया जाता है कि भरगामा प्रखंड की कुशमौल पंचायत में पदस्थापित पंचायत सचिव विमल यादव भरगामा बीडीओ मंजू कुमारी कण कण के कृपापात्र हैं. इस कारण उन्हें जीपीएस का भी अतिरिक्त प्रभार मिला हुआ है.
एक तो पंचायत सचिव ऊपर से जीपीएस का प्रभार रहने के कारण उनके ठाठ हैं. इसके अलावा उनके पास नया भरगामा, हरिपुर कला और भरगामा पंचायत के पंचायत सचिव का भी अतिरिक्त प्रभार इन्हीं के पास है. वहीं बीडीओ के खास रहने के कारण उन पर कोई जल्दी हाथ भी नहीं डालना चाहता.
इस मामले में जिला परिवहन पदाधिकारी से बात हुई है. उनका कहना है कि यह परिवहन नियमों के अंतर्गत नहीं आता. इस कारण इस मामले में वे कोई कार्रवाई नहीं कर सकते. अगर कोई व्यक्ति या अन्य पदाधिकारी चाहें तो इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करा सकते हैं. इसके बाद उनपर कार्रवाई हो सकती है.
सुबोध कुमार, अल्पसंख्यक पदाधिकारी, अररिया (वरीय प्रभारी पदाधिकारी भरगामा)
किसी भी सरकारी या गैर सरकारी वाहन के नंबर प्लेट पर उस वाहन के नंबर के अलावा और कुछ भी नहीं लिखा जा सकता है. अगर किसी ने ऐसा किया है तो यह परिवहन नियमों का उल्लंघन है. ऐसे व्यक्ति पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी.
सबल कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, अररिया