अररिया : जनशिक्षा परियोजना के तहत जिला साक्षरता द्वारा शिक्षा सेवक व तालिमी मरकजों का चल रहे चार दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण के दौरान रानीगंज प्रखंड के मध्य विद्यालय रामपुर में एक टोला सेवक की मृत्यु जिला साक्षरता के लापरवाही के कारण होने की बात कही जा रही है. जिला पदाधिकारी द्वारा भीषण गरमी को देखते हुए जब गरमी को लेकर पूरे जिलों में धारा 144 लगाते हुए किसी तरह का कार्यक्रम, प्रशिक्षण, सभा आदि करने पर मनाही की गयी है.
इसके बावजूद साक्षरता द्वारा टोला सेवक व तालीमी मरकजों का प्रशिक्षण कराया जाना कहीं न कहीं साक्षरता विभाग की लापरवाही को दर्शाता है. डीपीओ साक्षरता गोपाल प्रसाद सिंह ने बताया कि चुंकि प्रथम चरण का चार दिवसीय प्रशिक्षण चल रहा था. मंगलवार को अंतिम दिन था. डीएम के आदेश का अवहेलना करने की बात कहे जाने पर उन्होंने कहा कि डीएम के आदेश का पालन करते हुए आगे का प्रशिक्षण को रोक दिया गया है.
उन्होंने कहा कि ओला सेवक ललित नारायण भारती का निधन गरमी से नहीं होने की बात कहते हुए कहा कि उसकी मृत्यु सामान्य हुई है. डीपीओ श्री सिंह ने कहा कि टोला सेवक की मृत्यु प्रशिक्षण के दौरान नहीं हुई है. प्रशिक्षण प्रारंभ होने से पूर्व ही हुई है. यह बात सही है कि उन्होंने प्रशिक्षण के लिए मध्य विद्यालय रामपुर (रानीगंज) पहुंचा था.
