रानीगंज : सरकार एक तरफ अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासनिक पदाधिकारी से लेकर समाज के जवाबदेह लोगों की भूमिका सुनिश्चित करने में लगी है. वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र के मझुआ पश्चिम पंचायत अंतर्गत महादेवपुर गांव में परिजनों की सहमति से अंतरजातीय विवाह करने वाले नवदंपती ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करने के लिए विवश हैं.
ग्रामीणों के मारपीट से घायल नवदंपती मंगलवार की रात लगभग नौ बजे से ही रेफरल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भरती हैं. हालांकि अस्पताल में दोनों का समुचित इलाज की प्रक्रिया रात में ही पूरी हो गयी है, लेकिन कहीं न कहीं ग्रामीणों के गुस्सा को देखते हुए सुरक्षा के नजरिये से वे दोनों इमरजेंसी वार्ड के एक ही बेड पर एक-दूसरे की जान बचाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं.
अस्पताल में रात से ही एक ही बेड पर दोनों को सोये हुए देख लोगों को हैरत भी हो रही है. वहीं दोनों की मजबूरी के आगे अस्पताल प्रशासन भी सख्त रुख अपनाने से परहेज कर रहा है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वायपी सिंह ने कहा कि व्यवस्था के आगे वे मजबूर हैं. इलाज पूरा होने के बावजूद भी अस्पताल से किसी को जबरन बाहर नहीं निकाल सकते हैं.
इतना ही नहीं एक ही बेड पर रात से ही दोनों का साथ में सोये रहने पर भी अस्पताल की गरिमा पर कोई असर नहीं होने की बात उन्होंने कही. मामले को लेकर बगुलाहा पंचायत के बड़हरा वार्ड संख्या 15 निवासी कलानंद मेहता के 30 वर्षीय पुत्र अमोद कुमार ने कहा कि कोहवारा विशनपुर गांव में गैस एजेंसी में काम करने के दौरान वे घर-घर गैंस सिलेंडर पहुंचाते थे. इसी बीच मझुआ पश्चिम पंचायत के महादेवपुर निवासी रामलाल सोरेन के 22 वर्षीय पुत्री राजकुमारी से संपर्क में आ गये.
