अररिया : राष्ट्रीय मानवाधिकार की टीम ने की जांच, कई पीढ़ियों से एक ही मालिक करते हैं मजदूरी

दिल्ली जस्टिस वेंचर्स इंडिया ट्रस्ट के अधिवक्ताओं ने बंधुआ मजदूरों के लिए दायर की थी याचिका रानीगंज (अररिया) : रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के बरबन्ना वार्ड नंबर एक नाशी टोले में सोमवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम के ज्वाइंट सेक्रेटरी सह रजिस्ट्रार केके श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर अनिल शर्मा व राजेंदर सिंह, दिल्ली जस्टिस वेंचर्स इंडिया ट्रस्ट […]

दिल्ली जस्टिस वेंचर्स इंडिया ट्रस्ट के अधिवक्ताओं ने बंधुआ मजदूरों के लिए दायर की थी याचिका
रानीगंज (अररिया) : रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के बरबन्ना वार्ड नंबर एक नाशी टोले में सोमवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम के ज्वाइंट सेक्रेटरी सह रजिस्ट्रार केके श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर अनिल शर्मा व राजेंदर सिंह, दिल्ली जस्टिस वेंचर्स इंडिया ट्रस्ट के अधिवक्ता व एसडीओ प्रशांत कुमार सीएच, एसडीपीओ केडी सिंह, बीडीओ राजा राम पंडित तथा सीओ रमण सिंह सहित दर्जनों अधिकारियों की टीम रानीगंज महादलित टोला का जायजा लिया.
दिल्ली जस्टिस वेंचर्स इंडिया ट्रस्ट के अधिवक्ताओं व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में दायर याचिका के तहत 40 परिवारों का बयान दर्ज किया गया.
अधिवक्ता संभव गुप्ता ने बताया कि बंधुआ मजदूर जो पीढ़ी दर पीढ़ी एक ही मालिक के अधीन काम कर रहे हैं तथा उसे दूसरे जगह काम नहीं करने दिया जाता है तथा मजदूरी मांगने पर कुछ खाने के लिए अनाज व कुछ रुपये दे दिया जाता है. इसी सब समस्याओं को लेकर दिल्ली जस्टिस वेंचर्स इंडिया ट्रस्ट के अधिवक्ताओं ने एक याचिका राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को दायर किया था. इसके आलोक में रानीगंज प्रखंड अंतर्गत बरबन्ना वार्ड नंबर 01 नाशी टोला में मजदूरों से बयान लिया जा रहा है.
वहीं मजदूरों ने अपना अपना बयान अलग अलग दर्ज कराया. मजदूरों ने बताया कि डीलर समय पर अनाज व केरोसिन समय पर नहीं देता है. मनरेगा के तहत काम नहीं मिलता है. उनके पूर्वजों को टेटन यादव के खेतों में काम करते-करते साल दर साल गुजर गये, अब वे लोग भी उनके ही खेतों में काम कर रहे हैं. पूछने पर बताया कि वे लोग आधी बस्ती स्कूल की जमीन में बसे हैं. उनके रहने के लिए अपनी जमीन भी नहीं है. जमींदार की जमीन पर बसे हुए हैं. सरकार उन्हें पर्चा मुहैया करे.
मामला बंधुआ मजदूर का : अररिया के रानीगंज में 40 महादलित परिवारों से की गयी पूछताछ
जांच के बाद भेजी जायेगी रिपोर्ट
एसडीओ ने बताया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार की टीम व एक एनजीओ की टीम द्वारा महादलित टोले में बंधुआ मजदूर होने की शिकायत की जांच करने पहुंचे थे. एसडीओ ने कहा कि गांव से एक किलोमीटर की दूरी पर सरकारी विद्यालय मौजूद है. गांव के कुछ बच्चों का विद्यालय में नामांकन भी कराया गया है. कुछ बच्चे विद्यालय नहीं जाते है जिसके लिए गांव में शिक्षकों का कैंप भी कराया गया है. उन्होंने कहा कि जहां तक गांव के परिवारों को सरकारी सुविधाओं से वंचित होने की बात है, उनकी जांच की जा रही है. आयोग को पूरी जांच रिपोर्ट तैयार कर भेजी जायेगी.

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