पांच सितंबर से किशोरियों की खिलायी जायेंगी आयरन की नीली दवाएं
अररिया : सोमवार को डब्लूआइएफएस यानी साप्ताहिक आयरन व फॉलिक ऐसिड कार्यक्रम को लेकर आयोजित कार्यशाला में डीएम हिमांशु शर्मा ने जिला स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा भी की. कार्यशाला के दौरान बताया गया कि जिले में पांच सितंबर से आयरन की नीली गोली खिलाने का अभियान शुरू किया जायेगा. बैठक का आयोजन आत्मन हॉल में हुआ था. जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम रेहान अशरफ द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक किशोरियों को प्रत्येक बुधवार को आयरण की गोली खिलाने का निर्देश दिया गया. लगातार 52 सप्ताह तक आयरन की नीली गोली खिलायी जानी है.
ये कार्यक्रम जिले के सभी विद्यालयों में चलेगा. विद्यालय नहीं जाने वाली लाभुकों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से टैबलेट दिया जायेगा. वहीं स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम हिमांशु शर्मा ने सभी पीएचसी प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्र में संस्थागत प्रसव को 70 प्रतिशत तक पहुंचाने का टास्क दिया. टीकाकरण के प्रतिशत को शत प्रतिशत करने का निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि उन प्रखंडों के स्वास्थ्य प्रबंधकों के मानदेय में से 100 रुपया प्रति सत्र कटौती करने को कहा. इसी क्रम में उन्होंने सदर अस्पताल व अनुमंडल अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन कराने की व्यवस्था का निर्देश दिया.
बताया गया कि बंध्याकरण आपरेशन कार्यक्रम में प्रतिनियुक्त डाक्टर अली हसन के नहीं पहुंचने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए उन से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने नीति आयोग के निर्देशों पर अमल करने को भी कहा. बैठक में सदर एसडीओ प्रशांत कुमार, सीएस डा रामाधार चौधरी, एसीएमओ डा ललन प्रसाद सिंह, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा केके कश्यप के अलावा जिला कार्यक्रम प्रबंधक, पीएचसी के एमओआइसी, सीडीपीओ, बीएचएम, डब्लूएचओ, युनिसेफ, केयर व पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे.
