गर्मी में स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. आप की थोड़ी सी लापरवाही आपकी सेहत बिगाड़ सकती है. जिले में तपती धूप से कैसे बचें इसका पूरा ख्याल रखना बहुत जरूरी है.
अररिया : मौसम का मिजाज बदल रहा है. अब गर्मी अपना असर दिखाने लगी है. बदले मौसम में फिट रहने के लिए लाइफ स्टाइल में भी बदलाव जरूरी है. अपने रूटीन में बदलाव की शुरुआत करने की जरूरत है, ताकि आने वाले समय अच्छा से बीत सके. गर्मी में लोगों तमाम बीमारियां भी लोगों को प्रभावित कर सकती है. ऐसे मौसम में जरूरी है कि अपने खानपान से लेकर पहनावे में भी बदलाव किया जाये. वहीं अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. आप की थोड़ी से लापरवाही आपकी सेहत बिगाड़ सकती है. जिले में तपती धूप से कैसे बचे इसका पूरा ख्याल रखना लोगों को बहुत जरूरी है.
सदर अस्पताल में बढ़ रही मरीजों की संख्या
सदर अस्पताल में बदलते मौसम के साथ-साथ मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. इसमें खास बात यह है अधिकांश मरीजों को मौसम के कारण बीमार पड़ रहे हैं. इनमें डायरिया, बुखार आदि के मरीजों की संख्या अधिक होती है. स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी अनुसार सदर अस्पताल में रोजाना आधा दर्जन से अधिक लोग डायरिया से बीमार लोग पहुंच रहे हैं. जबकि बुखार वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है.
गर्मी में इससे बचें
चिकित्सकों के मानें तो गर्मी के मौसम में खुले शरीर, नंगे सिर, नंगे पांव, धूप में चलना, तेज गर्मी में घर से खाली पेट या प्यासे बाहर जाना, कूलर या एसी से निकल कर तुरंत धूप में जाना, बाहर धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी पीना, सीधे कूलर या एसी में बैठना, तेज मिर्च-मसाला युक्त भोजन करना, बहुत गर्म खाना, चाय, बासी खाना खाना इत्यादि का सेवन ज्यादा करने से बचें. साथ ही घर से बाहर निकलते समय आंख में चश्मा लगा लें.
सूती और ढीले कपड़ों की जगह सिंथेटिक और कसे हुए कपड़े पहनने से गर्मी से होने वाले रोगों का खतरा बढ़ता है, जिससे लोग लू की चपेट में आ जाते हैं.अधिक गर्मी पड़ने पर घर के अंदर ही रहें
अधिक गर्मी पड़ने पर घर के अंदर ही रहें. सुबह 11 से शाम चार बजे के बीच सन एक्सपोजर से बचें. एयरकंडीशन और कूलर्स चला कर रखें. अगर घर से बाहर जाना पड़ता है तो कैप लगा कर रखें. ढीले कपड़े पहनें. ये आपको सन स्ट्रोक से बचायेगा.
कहते हैं सदर अस्पताल के चिकित्सक
सदर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक डॉ विमल कुमार ने बताया कि गरमी में लगातार हाई टेंपेरेचर रहने से लगातार बॉडी का टेंपेरेचर बढ़ता रहा है, जिससे हीट क्रैम्प्स और जी मिचलाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. तेज गर्मी में ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है, जो हर्ट के लिए नुकसानदायक है. शरीर में पानी की कमी यानी डीहाइड्रेशन हो सकता है. जिससे चक्कर आना, जी मिचलाना और सिरदर्द की शिकायत हो सकती है. बहुत ज्यादा हीट होने से एयर क्वालिटी, एयर पॉल्यूशन भी इफेक्ट होता है. हीट बढ़ने से संक्रामक रोगों का प्रसार बहुत होता है.
तेज गर्मी में मच्छर भी बहुत पनपते हैं. ऐसे में डेंगू फीवर, चिकनगुनिया, मलेरिया वायरस बहुत तेजी से फैलते हैं. इसके अलावा गर्मियों में चिकन पॉक्स, खसरा, पीलिया, थॉयराइड, डायरिया जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ जाती हैं.
आप गर्मी का ऐसे ले सकते हैं आनंद
गर्मी में जब भी घर से निकलें, कुछ खाकर और पानी पीकर ही निकलें. बासी भोजन नहीं खायें. गरमी में सूती और हल्के रंग के कपड़े पहननी चाहिए. चेहरा और सिर पर रूमाल या साफी से ढक कर व साथ में छाता ले कर निकलना चाहिए. प्याज का सेवन तथा जेब में प्याज रखनी चाहिए. बाजारू ठंडी चीजें नहीं बल्कि घर की बनी ठंडी चीजों का सेवन करना चाहिए. ठंडा मतलब संतरे का जूस, ठंडा सत्तू, दही का लस्सी, मट्ठा का सेवन करना चाहिए. इसके अलावा लौकी, ककड़ी, खीरा, तोरे, पालक, पुदीना, नीबू, तरबूज आदि का सेवन अधिक करना चाहिए. पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए.
