अररिया : शातिर मनीष ने पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे भी किये. उसने पुलिस को बताया कि वह अधिकारियों के नाम का सरकारी बोर्ड लेकर चार चक्का वाहन पर घूमता था. वह नाम बदलने में भी माहिर था. ऐसे-ऐसे विभागों के अधिकारियों के नाम का बोर्ड वह अपने वाहन पर लगाकर चलता था कि उस तक पहुंचने की हिमाकत सामने आने वाला व्यक्ति कर भी नहीं सकता था. डीएम व एसपी बनना तो उसके लिए सबसे आसान काम था. उसके बाद इसका एक गिरोह जो कि लूट, अपहरण आदि की घटना को भी अंजाम देता था. हैरत की बात तो यह है कि यह अपराधी एक तरफ फुलकाहा में एटीएम तोड़ने के मामले में संलिप्त था. दूसरी तरफ पुलिस व स्थानीय लोगों को चकमा देकर वह बाजार बंद कराने में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहा था.
शातिर मनीष गिरफ्तार कार्रवाई. फुलकाहा थानाध्यक्ष को मिली सफलता अधिकारी बन करता था वसूली
अररिया : शातिर मनीष ने पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे भी किये. उसने पुलिस को बताया कि वह अधिकारियों के नाम का सरकारी बोर्ड लेकर चार चक्का वाहन पर घूमता था. वह नाम बदलने में भी माहिर था. ऐसे-ऐसे विभागों के अधिकारियों के नाम का बोर्ड वह अपने वाहन पर लगाकर चलता था कि उस […]
