दस दिनों में एक दर्जनों लोगों ने खाया जहर

महिला व पुरुष दोनों हैं शामिल अररिया में नहीं हैं मानसिक रोग विशेषज्ञ चिकित्सक अररिया : घरेलू विवाद के सामने लोगों की जिंदगी छोटी पड़ रही है. सदर अस्पताल के पिछले दस दिनों के आंकड़े यह बताने के लिए काफी है. लोग घर में हुए झगड़े के कारण विषपान ही एक समाधान मानने लगे हैं. […]

महिला व पुरुष दोनों हैं शामिल

अररिया में नहीं हैं मानसिक रोग विशेषज्ञ चिकित्सक
अररिया : घरेलू विवाद के सामने लोगों की जिंदगी छोटी पड़ रही है. सदर अस्पताल के पिछले दस दिनों के आंकड़े यह बताने के लिए काफी है.
लोग घर में हुए झगड़े के कारण विषपान ही एक समाधान मानने लगे हैं. बीते दस दिनों में सदर अस्पताल में एक दर्जन से अधिक लोग घरेलू विवाद में जहर खाकर इलाज के लिए लाये गये हैं. इसमें एक युवक की इलाज के दौरान मौत भी हो हुई है. जबकि चार से अधिक पीड़ितों को चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर किया है. जानकार के माने तो छोटी-छोटी घरेलू विवाद में लोग आक्रोशित हो कर जहर खा जान देने को मजबूर हो जाते है. इसका मुख्य कारण लोगों में शिक्षा की कमी को अहम माना जाता है.
ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश लोग खा रहे हैं जहर
बीते दस दिनों में सदर अस्पताल में आये दर्जनों लोगों में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों के हैं. जानकारों की मानें तो ग्रामीण क्षेत्र में शहर की अपेक्षा शिक्षा की कमी भी इसका कारण माना जा रहा है. इसलिए लोग छोटे से घरेलू विवाद में जहर खा कर अपनी जान देने का प्रयास कर रहे हैं. जानकारों का यह भी मानना है कि एक मनो चिकित्सक भी होना चाहिए ताकि इससे ये पता लगाया जा सके कि लोग छोटे-छोटे विवाद में जहर खा कर जान देने को क्यों मजबूर हैं.
कुछ लोगों को तो पुलिसिया कार्रवाई से बचने के लिए ले जाया जाता है निजी अस्पताल : घरेलू विवाद में जहर खाने के बाद कुछ लोग पुलिस से बचने के लिए निजी अस्पताल का सहारा लेते हैं. सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सदर अस्पताल से अधिक लोग जहर खाने के बाद निजी अस्पताल में इलाज के लिए जाते हैं. बताया जाता है अगर कुछ लोगों के पास आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण ही सदर अस्पताल में इलाज के लिए लाये जाते हैं. बताया गया कि इस तरह के केसेज में इलाज के लिए लाये गये लोगों की सूचना पुलिस को दी जाती है. जिस सूचना पर पुलिस अस्पताल पहुंच कर उनका फर्द बयान लेती है.
एक की हुई है मौत
घरेलू विवाद में लोग खा रहे हैं जहर
बीते दस दिनों में देखा जाये तो सदर अस्पताल में एक दर्जन से अधिक लोगों ने जहर खाने के बाद इलाज के लिए आये है. जिसमें एक जहर पीड़ित की मौत भी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हुई है. चिकित्सकों के अनुसार चार लोगों को बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया रेफर किया गया है. मिली जानकारी अनुसार इस दस दिनों में अररिया निवासी मो जुबैर, बेलवा निवासी मो अनिश, पुरंदहा निवासी बीवी फातमा, पलासी निवासी मो नौशाद,
हरियाबाड़ा निवासी बीवी रफिका,बीवी फैको, बीवी मनीषा,डोरिया निवासी मो फिरोज,बैरगाछी निवासी बीवी दरकशा, गैरकी निवासी मो हैदर, मिल्लतनगर निवासी अबुजर, जोकीहाट निवासी मो रमजान व झारखंड गोड्डा निवासी गोपाल साह के पुत्र सचिन कुमार ने जहर खा लिया. सभी पीड़ित को परिजनों ने इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां झारखंड गोड्डा निवासी गोपाल साह के पुत्र सचिन कुमार की मौत इलाज के दौरान हो गयी. जबकि चिकित्सकों ने अन्य जहर पीड़ित का प्राथमिक उपचार के बाद चार को बेहतर इलाज लिए रेफर किया है.
कहते हैं मानसिक रोग विशेषज्ञ
पटना पीएमसीएच के मानसिक रोग विभाग के चिकित्सक डॉ सच्चिदानंद सिंह से दूरभाष पर बताया कि यह गंभीर समस्या है. ऐसे में सिविल सर्जन को चाहिए कि वे किसी मनो चिकित्सक को शिविर आयोजित कर बुलायें और लोगों को इस संबंध में जागरूक करें.

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