फ्रॉड कर निकाल ली एक लाख से अधिक राशि

बैंक सुनने को तैयार नहीं पीड़ित से बैंक ने आवेदन लेने से किया इनकार, रजिस्टर्ड पोस्ट का सहारा अररिया : जिले में खाता धारकों से धोखाधड़ी कर अवैध निकासी का मामला आये दिन सामने आता रहता है. ऐसी ही एक घटना बीते दिनों एक सेवानिवृत्त शिक्षक के साथ हुई. साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते […]

बैंक सुनने को तैयार नहीं

पीड़ित से बैंक ने आवेदन लेने से किया इनकार, रजिस्टर्ड पोस्ट का सहारा
अररिया : जिले में खाता धारकों से धोखाधड़ी कर अवैध निकासी का मामला आये दिन सामने आता रहता है. ऐसी ही एक घटना बीते दिनों एक सेवानिवृत्त शिक्षक के साथ हुई. साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते एक ही दिन एक लाख से अधिक की राशि निकाल ली. राशि एटीएम द्वारा निकाली गयी. खास यह कि उनका एटीएम उनके पास ही सुरक्षित रहा. उधर एटीएम द्वारा ही राशि निकाली भी गयी. घटना का एक दुखद पहलू यह है कि पीड़ित शिक्षक की शिकायत संबंधित बैंक सुनने को तैयार नहीं है. शाखा प्रबंधक ने आवेदन लेने से साफ इनकार कर दिया.
गौरतलब है कि अररिया प्रखंड के चंद्रदेई गांव निवासी पीड़ित मसरूर आलम का खाता शहर के एसबीआइ, मुख्य शाखा में हैं. खाता में एक लाख से अधिक राशि जमा थी. उनके मुताबिक अपने खाता से एटीएम द्वारा उन्होंने 16 मार्च को राशि निकाली थी. पर कई दिनों बाद जब वे फिर से राशि निकालने पहुंचे, तो पता चला कि खाता खाली है.
बताया गया कि बैंक स्टेटमेंट से पता चला कि किसी अन्य शहर के एटीएम मशीन का इस्तेमाल कर 18 मार्च को उनके खाता से लगातार पांच ट्रांजेक्शन कर एक लाख छह हजार 500 की राशि की अवैध निकासी किसी ने कर ली. हैरत की बात यह है कि उनका एटीएम उन्हीं के पास रहा, पर राशि निकालने के लिए भी एटीएम कार्ड का इस्तेमाल हो गया.
पीड़ित सेवानिवृत्त शिक्षक का एक सवाल वाजिब दिखता है कि आम तौर पर एक दिन एक बचत खाता से एटीएम द्वारा 40 हजार से अधिक की राशि की निकासी नहीं होती. फिर उनके खाता से एक ही पांच ट्रांजेक्शन के जरिये 40 हजार का ट्रांसफर व बाकी की नकद निकासी कैसे मुमकिन हो पायी.
साइबर अपराध का शिकार बने पीड़ित श्री आलम ने बताया कि अपनी शिकायत लेकर वे बैंक के शाखा प्रबंधक से मिले, पर उन्होंने आवेदन लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने बताया कि मजबूर हो कर आवेदन रजिस्टर्ड पोस्ट द्वारा शाखा प्रबंधक को भेजना पड़ा. आवेदन की प्रति एसबीआइ के अन्य वरीय अधिकारियों को भी भेजेंगे. बताया गया कि वे थाना में भी आवेदन देंगे, ताकि साइबर सेल तहकीकात कर राशि वापस करवाने व अपराधियों को पकड़ने का दिशा में आवश्यक कार्रवाई कर सके.

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