बारिश के बाद जिले भर में कई घंटों तक बनी रही ब्लैक आउट की स्थिति
अररिया : गुरुवार की सुबह जिले में मौसम ने अचानक अपना रुख बदला. सुबह खिली धूप निकलने के कुछ देर बाद आसमान में घने काले बादल मंडराने लगे. फिर जल्द ही हल्की पुरवा हवाओं के साथ रिमझिम बारिश शुरू हो गयी, जो दो घंटे से अधिक समय तक जारी रही. इस बीच ठनका गिरने से […]
अररिया : गुरुवार की सुबह जिले में मौसम ने अचानक अपना रुख बदला. सुबह खिली धूप निकलने के कुछ देर बाद आसमान में घने काले बादल मंडराने लगे. फिर जल्द ही हल्की पुरवा हवाओं के साथ रिमझिम बारिश शुरू हो गयी, जो दो घंटे से अधिक समय तक जारी रही. इस बीच ठनका गिरने से चार लोगों के जान गंवाने की भी सूचना है.
बारिश ने जहां शहर की सूरत बिगाड़ दी तो वहीं खेतिहर किसानों पर भी इसका मिला-जुला असर रहा. बारिश के बाद से ही शहर की बिजली लगातार कई घंटों तक गुल रहने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी, तो भारी जलजमाव को लेकर कई जगहों पर यातायात से जुड़ी संकट भी देखने को मिली. बारिश के कारण देर दोपहर तक शहर के मुख्य बाजारों में बंदी जैसा नजारा रहा. आमतौर पर सुबह आठ बजे तक खुलने वाली दुकानों के शटर भी दोपहर बाद ही खुले मिले.
खेतों में लगी फसल पर बारिश का असर
बारिश खेतों में लगे कुछ फसलों के लिए जहां वरदान साबित हुआ. तो कुछ फसलों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का अंदेशा जाहिर की जा रही है. कृषि वैज्ञानिक डॉ जावेद इदरिश के मुताबिक देर से बोये गये गेहूं की फसल के लिए बारिश लाभकारी साबित होगी. बारिश से दलहन व तिलहन के फसल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. चना, मटर जैसे फसलों को भी बारिश नुकसान पहुंचा सकती है. लेकिन आगे कुछ दिनों तक बारिश नहीं होने से ऐसे किसी भी स्थिति से बचा जा सकता है.
गेहूं, जौ, मटर, चना, मसूर, सरसों फसल के लिए वर्षा से नुकसान है. जेठ मास में हुए वर्षा के लाभ व हानि के बारे में कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ के उद्यान वैज्ञानिक डा जावेद इदरिश ने बताया कि जो वर्षा हुई है उस पानी से रबी फसल को हानि है. बताया कि अभी गेहूं, जौ, मटर, सरसों, चना आदि फसल की कटाई हो रही या कटने वाली है. बताया कि वर्षा के कारण इन फसलों को नुकसान ही है. बताया कि ऐसे फसल जो कटने को है उसे अभी खेत में ही थोड़ा सूखने दें. मौसम में सुधार होते ही कटाई के साथ तुरंत तैयार भी कर लें. वर्षा के पानी से फलदार पौधों के लिए काफी लाभदायक है. बताया कि आम, लीची, अमरूद सहित गरमा सब्जी जैसे नेनुवा, कद्दू वर्गीय, लत्तीदार सब्जी, करेला, साग आदि के लिए सोने पर सुहागा है. इससे कीट व्याधि नियंत्रित होगी और सब्जियों के पौधों को संपूर्ण पोषक तत्व प्राप्त होगी.
उद्यान वैज्ञानिक ने बताया कि आम और लीची फलों और सब्जियों को वर्षा से लाभ है तो नुकसान भी है. इससे रस चूसक व्याधि उत्पन्न होगी. जिसके लिए इमिडाक्लोराप्रिड 17.8 एचएल दवा को 1 मिली प्रति एक लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना आवश्यक है. साथ ही इसमें स्टीकर दवा का प्रयोग छिड़काव के रूप में करें. वहीं वर्षा से फलों और गरमा सब्जियों में यदि पर्णचित्ती या पर्णधब्बा जैसे रोग के लक्षण दिखाई दें तो कॉपर-ऑक्सीक्लोराइड दवा को एक लीटर पानी में 2 ग्राम दवा मिलाकर छिड़काव जरूरी है. कुल मिलाकर गुरुवार को हुई वर्षा से गेंहूँ, चना, मटर, सरसो, मसूर को नुकसानदायक है. वहीं फलदार के लिए लाभ और गरमा सब्जियों को फायदेमंद है.