उम्मीद: 2019 तक पूरा हो जायेगा सीमा सड़क का निर्माण

अब सुलझता दिख रहा है मामला अररिया : पीडब्ल्यूडी मंत्री नंदकिशोर यादव की विशेष पहल के बाद अब सीमा सड़क के निर्माण का रास्ता साफ होता दिख रहा है. उम्मीद जतायी जा रही है कि सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण इस सड़क का निर्माण वर्ष 2019 तक पूरा हो जायेगा. भूमि अधिग्रहण के बाद […]

अब सुलझता दिख रहा है मामला

अररिया : पीडब्ल्यूडी मंत्री नंदकिशोर यादव की विशेष पहल के बाद अब सीमा सड़क के निर्माण का रास्ता साफ होता दिख रहा है. उम्मीद जतायी जा रही है कि सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण इस सड़क का निर्माण वर्ष 2019 तक पूरा हो जायेगा. भूमि अधिग्रहण के बाद भूमि के प्रकृति में हेर-फेर कर भू माफियाओं द्वारा गलत तरीके से राशि उठाव का प्रयास किया जा रहा था. डीएम द्वारा इस मामले में जांच के बाद मुआवजे की राशि पर रोक लगा दिया गया था. वर्ष 2016 में यह मामला काफी गहराया था. इसके बाद कुछ अधिकारियों समेत कर्मियों पर कार्रवाई की गाज भी गिरी थी. बहरहाल अब नये नियम को लागू कर रैयतों के मुआवजे राशि के भुगतान की बात कही जा रही है. इसके बाद वर्ष 2013 से निर्माणाधीन सीमा सड़क के निर्माण की प्रक्रिया अब जाकर पूरी होती दिखेगी.
हालांकि इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण वर्ष 2015 में ही पूरा होना था. पीडब्ल्यूडी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नरपतगंज, फारबिसगंज व कुर्साकांटा प्रखंड में लगभग 18 किमी सड़क में भूमि अधिग्रहण में फंसे पेच के कारण सड़क का निर्माण अवरुद्ध था, जबकि कुर्साकांटा में दो रैयतों द्वारा आपत्ति दर्ज किये जाने के बाद लैलोखर में पुल निर्माण का कार्य लंबित पड़ा हुआ था. इस सभी मामलों का समाधान कर मामले में अंतत: प्रकृति निर्धारण का कार्य एमभीआर के आधार पर कर दिया गया है. इसके बाद जहां रैयतों के मुआवजे की राशि का भुगतान कर दिया जायेगा.
खास बातें
सीमा सुरक्षा के लिए जरूरी है इंडो-नेपाल सीमा सड़क
भू-माफियाओं की दखलअंदाजी के कारण लटका है निर्माण कार्य
भू अर्जन कार्यालय के पास रैयतों को भुगतान करने के लिए उपलब्ध कराया गया है 592 करोड़

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >