तीन प्रखंडों के 889 रैयतों को 266 करोड़ का भुगतान

पुल निर्माण में विवादित जमीन के मुआवजे का मामला जायेगा प्राधिकार में अररिया : सीमा सड़क के पूरा होने में कई पुलों का अर्द्ध निर्माण भी अवरोधक बना हुआ है. इनमें कुर्साकांटा प्रखंड के लैलोखर में स्थित भलुआ नदी पर बन रहा पुल व सिकटी प्रखंड के नूना नदी पर 867 मीटर लंबा पुल मुख्य […]

पुल निर्माण में विवादित जमीन के मुआवजे का मामला जायेगा प्राधिकार में

अररिया : सीमा सड़क के पूरा होने में कई पुलों का अर्द्ध निर्माण भी अवरोधक बना हुआ है. इनमें कुर्साकांटा प्रखंड के लैलोखर में स्थित भलुआ नदी पर बन रहा पुल व सिकटी प्रखंड के नूना नदी पर 867 मीटर लंबा पुल मुख्य है.
इन दोनों पुलों का निर्माण नवंबर 2013 में ही शुरू हुआ था. इसका निर्माण वर्ष 2015 में ही पूरा होना था. लेकिन रैयतों द्वारा अड़चन डाले जाने के कारण निर्माण कार्य तीन वर्षों से लंबित पड़ा हुआ है. इनमें से कुर्साकांटा प्रखंड में जहां दो रैयतों द्वारा आपत्ति दर्ज किया गया है. वहीं नूना नदी पर 17 करोड़ की लागत से बनने वाले 867 मीटर लंबे पुल का निर्माण छह भाइयों द्वारा आपत्ति दर्ज किये जाने के कारण लंबित है. इस मामले में बताया गया कि लखोटिया एवं तिवारी परिवारों के हाथों तीन भाइयों द्वारा जमीन बिक्री कर दिया गया.
बाद में तीन भाइयों ने भी उक्त जमीन पर अपना दावा पेश किया. इसके बाद से ही मुआवजे राशि का भुगतान रोक दिया गया. शनिवार को पहुंचे सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी गिरीश कुमार ने इस मामले में स्पष्ट करते हुए कहा कि भू अर्जन कार्यालय द्वारा मुआवजे राशि का भुगतान प्राधिकार को कर दिया जायेगा. प्राधिकार को भुगतान कर पुल का निर्माण पूरा कराया जायेगा.
अब तक 266 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में हुआ है भुगतान
प्रखंड रैयत राशि
(करोड़ में)
नरपतगंज 702 216.58
फारबिसगंज 136 42
कुर्साकांटा 48 07

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