53 हजार से अधिक लोगों की हुई जांच, सामने आये 78 नये मामले
संक्रमितों में 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग की संख्या अधिक
सरकारी अस्पतालों में जांच व परामर्श की पूरी व्यवस्था
संक्रमित गर्भवती महिलाओं का कराया जाता है सुरक्षित प्रसव
अररिया : हालांकि जिला अब भी एचआइवी व एड्स के दृष्टिकोण से संवेदनशील श्रेणी में आता है. पर पिछले कुछ साल के आंकड़े बताते हैं कि संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है. साथ ही सरकारी अस्पतालों में जांच व परामर्श की व्यवस्था भी उपलब्ध है. अलबत्ता एआरटी केंद्र की स्थापना नहीं होने के कारण संक्रमित लोगों को कटिहार से लेकर भागलपुर तक का चक्कर लगाना पड़ता है. एड्स डीपीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पिछले तीन सालों का ट्रेंड बता रहा है कि एचआइवी पॉजिटिव की संख्या कम हो रही है. जहां वर्ष 2015 में एचआइवी पॉजिटिव के कुल 117 केस जिला में चिन्हित हुए थे.
वहीं वर्ष 2016 में ये संख्या घट कर 92 हो गयी. जबकि इस साल अक्तूबर तक केवल 78 नये मामले सामने आये हैं. आंकड़ों का चौंकाने वाला पहलू ये है कि संक्रमित होने वाले पुरुषों व महिलाओं की संख्या कमोबेश बराबर है. डीपीएम अखिलेश कुमार बताते हैं कि संक्रमित होने वालों में यूं तो अधिक संख्या 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के लोग शामिल पाये जा रहे हैं. पर नवजात से लेकर 14 वर्ष आयु वर्ग व गर्भवती महिलाओं में भी एचआइवी संक्रमण मिल रहा है. इस वर्ष पाये गये एचआइवी पॉजिटिव के नये मामलों में शून्य से 14 वर्ष के कुल पांच केस मिले हैं. जबकि छह संक्रमित गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव सरकारी अस्पतालों में कराया गया है.
जिले में एआरटी केंद्र नहीं रहने के कारण संक्रमण की पुष्टि होने पर पहले छह माह के लिए बाहर के एआरटी केंद्रों पर भेजा जाता है. आस पास कटिहार व भागलपुर मेडिकल कॉलेज में एआरटी केंद्र है. वहां सीडी-4 जांच के बाद दवा देकर छह माह तक दवा के प्रभाव की निगरानी होती है. बाद में संक्रमितों को सदर अस्पताल स्थित लिंक एआरटी से दवा उपलब्ध कराया जाने लगता है.
आंकड़ों की नजर से
वर्ष 2003 से अब तक :
कुल परामर्श – 305258, कुल जांच- 284476, कुल पॉजिटिव- 684, पुरूष- 366, महिला- 327, ट्रांस जेंडर- 01
पिछला तीन साल-
वर्ष कुल जांच की संख्या उचआइवी संक्रमित
2015 39783 117
2016 53682 92
2017 67506 78
जागरूकता को लेकर होंगे कार्यक्रम
अररिया ़ विश्व एड्स दिवस पर शुक्रवार को जिला एड्स नियंत्रण एवं बचाव समिति के बैनर तले जागरूकता के कई कार्यक्रम आयोजित होंगे. डीपीएम अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि सदर अस्पताल स्थित जांच व परामर्श केंद्रों को सुसज्जित किया जायेगा. बस स्टैंड से जागरूकता रैली निकाली जायेगी. साथ ही प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को रेड रिबन लगाया जायेगा. दूसरी तरफ लॉयंस क्लब द्वारा उच्च विद्यालय में युवाओं को जागरूक करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में भी जिला समिति की सहभागिता होगी. सीएस भी उपस्थित रहेंगे.
संख्या में आयी कमी
अस्पतालों में जांच कराने वालों की संख्या में साल दर साल वृद्धि हो रही है. पर एचआइवी पॉजिटिव मामलों की संख्या घट रही है. खास यह कि बहुत सारे लोग अपनी इच्छा से जांच करा रहे हैं. सदर अस्पताल व फारबिसगंज रेफरल अस्पताल में संक्रमित गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव की मुकम्मल व्यवस्था है. ऐसे नवजात को नेवरापिन सिरप दिया जाता है. दवा उपलब्ध है.
अखिलेश कुमार सिंह, डीपीएम
