अररिया : नप वासियों से करोड़ों का राजस्व संग्रह करने वाले, हाट व बस स्टैंड की नाम पर लाखों के राजस्व की उगाही करने वाले नगर परिषद को गरीब व फुटपाथ पर सोने वाले लोगों के लिए एक कंबल खरीदने का भी निर्देश नहीं है. नप को इसके लिए जिला प्रशासन से ही मदद की उम्मीद रखनी पड़ती है. नतीजा जब तक जिला प्रशासन इन्हें कंबल उपलब्ध कराती है
तब तक गरीब बेबसी में दम तोड़ देते हैं. या फिर शरीर को गर्म करने के चक्कर में तन को झुलसा लेते हैं. पिछले वर्ष आग से झुलसी कारी देवी खरैहया बस्ती के साथ भी कुछ ऐसा हुआ था. आग सेंकने के चक्कर में वह रात भर में शरीर को झुलसा बैठी. प्रभात खबर की पहल के बाद एसएचजी महिलाओं की मदद से उसका उपचार भागलपुर में संभव हो पाया था.
मिली जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष जिला प्रशासन द्वारा 27 हजार रुपये कंबल व पांच हजार रुपये अलाव के लिए जलावन खरीद करने के लिए उपलब्ध कराये गये थे. नप के मुख्य पार्षद ने इस राशि से 45 पीस कंबल खरीद कर बांटे जाने की बात कही. उन्होंने बताया कि अलाव के लिए उपलब्ध कराये गये पांच हजार की राशि के बाद 15 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि नप द्वारा अलाव मद में खर्च किया गया था.
