दीवारों पर पेशाब करने वाले हो जाएं सावधान, यह आदत उल्टा आपको ही कर देगी गीला, जानें नयी पेंट का करामात

दीवारों पर पेशाब करना आम बात है. सार्वजनिक जगह, बाजार के साथ आवासीय इलाके में भी लोग इस समस्या से परेशान हैं. हालांकि यह आम बात आप पर आने वाले दिनों में भारी पड़ सकती है. दीवारों पर पेशाब किया तो आप खुद भी गीला हो सकते हैं. बात चौंकाने वाली, लेकिन सही है.

दीवारों पर पेशाब करना आम बात है. सार्वजनिक जगह, बाजार के साथ आवासीय इलाके में भी लोग इस समस्या से परेशान हैं. हालांकि यह आम बात आप पर आने वाले दिनों में भारी पड़ सकती है. दीवारों पर पेशाब किया तो आप खुद भी गीला हो सकते हैं. बात चौंकाने वाली, लेकिन सही है. इन दिनों लंदन में हुए एक प्रयोग (पेशाब रोधी पेंट) की चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हो रही है. ऐसे में दीवारों पर पेशाब करने वाले लोग आदत में सुधार लाने के साथ ही सावधान हो जाएं. रिपोर्ट के अनुसार यह ऐसा पेंट है, जिस पर पानी नहीं ठहरता है. बल्कि यह बाउंस (उल्टा) होकर वापस उसी तरह आ जाता है, जिस तरफ से फेंका गया था. ऐसे में कोई व्यक्ति पेंट लगी दीवारों पर पेशाब करने की कोशिश करते हैं तो पेशाब दीवारों पर टकराकर वापस उसी पर गिर जायेगी.

मुजफ्फरपुर निगम प्रशासन को देना होगा यूरिनल का विकल्प

मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी हो चुका है. लेकिन चौंकाने वाली स्थिति यह है कि स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के पांच वर्ष बाद भी बाजार या चौक-चौराहों पर एक यूरिनल तक की व्यवस्था नहीं है. इस कारण लोगों के पास कोई विकल्प नहीं है, जिस कारण जहां-तहां पेशाब करते है़ं ऐसे में नगर निगम को सार्वजनिक जगह से लेकर मुख्य बाजारों में चिन्हित जगहों पर यूरिनल का निर्माण कराना होगा. पहले से स्मार्ट सिटी में इ-टॉयलेट से लेकर यूरिनल का प्रोजेक्ट शामिल है.

आवासीय इलाके में भी लोग परेशान

शहर के आवासीय इलाके में भी इस समस्या से लोग परेशान हैं. मोतीझील, जवाहरलाल रोड सहित शहर के अधिकांश इलाकों में दर्जनों गलियों वाला मोहल्ला है, जिसकी चौड़ाई पांच से छह फुट तक है. वैसी गलियों में लोग दीवारों पर पेशाब करते हैं. ऐसे आवासीय इलाके में लोगों को बदबू के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. रात के समय लोग ऐसा खूब करते हैं.

ऐसे काम करता है पेशाब रोधी पेंट

जानकारों के अनुसार पेशाब रोधी पैंट एक सुपर हाइड्रोफोबिक लिक्विड है. यह पूरी तरह से पारदर्शी होती है. जिस पर पानी की बूंद नहीं रुकती है. पेंट एक वाटर रेपेलेंट लेयर बनाता है. जिससे उस पर पानी फेंकने पर पानी वापस उछल कर वापस सामने वाले को गीला कर देती है. जिसका प्रयोग विदेशों में अलग-अलग शहरों में हो रहा है.

निगम प्रशासन को देना होगा यूरिनल का विकल्प

शहर स्मार्ट हो चुका है. चौंकाने वाली स्थिति यह है कि स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने के पांच वर्ष बाद भी बाजार या चौक-चौराहों पर एक यूरिनल तक की व्यवस्था नहीं है. यही वजह है कि लोगों के पास कोई विकल्प नहीं है. ऐसे में नगर निगम को सार्वजनिक जगह से लेकर मुख्य बाजारों में चिह्नित जगहों पर यूरिनल का निर्माण कराना होगा. पहले से स्मार्ट स्मार्ट सिटी में ई-टॉयलेट से लेकर यूरिनल का प्रोजेक्ट शामिल है.

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By Madhuresh Narayan

Madhuresh Narayan is a contributor at Prabhat Khabar.

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