Anant Singh: बिहार की राजनीति के ‘दबंग’ कहे जाने वाले अनंत सिंह आज बेऊर जेल की सलाखों से बाहर आ रहे हैं. करीब चार महीने बाद बाहर आ रहे ‘बाहुबली’ नेता के स्वागत में पटना से मोकामा तक भव्य तैयारियां हैं, जहां जश्न, भीड़ और शक्ति प्रदर्शन एक साथ देखने को मिल सकता है.
3 लाख रसगुल्ले, 15,000 लोगों का शाही भोज और मीलों लंबा गाड़ियों का काफिला मोकामा के विधायक की इस ‘विजय वापसी’ ने पूरे सूबे का सियासी पारा चढ़ा दिया है.
3 लाख रसगुल्ले और भव्य स्वागत की तैयारी
बाहुबली विधायक अनंत सिंह के समर्थकों के लिए 23 मार्च का दिन किसी ऐतिहासिक उत्सव से कम नहीं है. पटना स्थित 1, मॉल रोड आवास को छावनी के बजाय उत्सव केंद्र में बदल दिया गया है. स्वागत की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाढ़ से विशेष रूप से बुलाए गए हलवाइयों की टीम ने 3 लाख रसगुल्ले और गुलाब जामुन तैयार किए हैं.
समर्थकों का हुजूम सुबह से ही जुटना शुरू हो गया है, जिनके लिए शाही पनीर, पुलाव और लिट्टी-चोखा जैसे लजीज व्यंजनों की व्यवस्था की गई है.
15 हजार लोगों के लिए दावत
पटना में उनके आवास पर करीब 15 हजार लोगों के जुटने की उम्मीद है. इसके लिए बड़ा वाटरप्रूफ टेंट लगाया गया है. गर्मी को देखते हुए कूलर और वॉटर मिस्ट फैन भी लगाए गए हैं, ताकि समर्थकों को कोई परेशानी न हो.
तपती गर्मी को देखते हुए पूरे परिसर में वाटर-मिस्ट पंखे और एयर कूलर लगाए गए हैं ताकि ‘छोटे सरकार’ के स्वागत में आए प्रशंसकों को कोई असुविधा न हो.
जेल में रहकर जीती जंग
अनंत सिंह की यह रिहाई इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव की जंग जेल की कालकोठरी में रहते हुए ही जीत ली थी. उन्होंने राजद की वीणा देवी को 28,000 से अधिक मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी थी. बिना प्रचार किए मिली इस जीत के बाद यह पहला मौका होगा जब वे शारीरिक रूप से अपने क्षेत्र की जनता का आभार जताने निकलेंगे.
मंगलवार 24 मार्च को सुबह 8 बजे जब उनका काफिला पटना से मोकामा के लिए कूच करेगा, तो हजारों गाड़ियों का रेला साथ होने की उम्मीद है. बरहिया स्थित प्रसिद्ध महारानी स्थान मंदिर में मत्था टेकने के बाद वे सीधे अपने गढ़ मोकामा में प्रवेश करेंगे, जहां हर चौराहे पर उनके स्वागत की तैयारी की गई है.
हाई कोर्ट की कड़ी हिदायत
पटना हाई कोर्ट के जस्टिस रुद्र प्रकाश मिश्रा की पीठ ने अनंत सिंह को 15,000 रुपये के निजी मुचलके पर नियमित जमानत दे दी है. दुलारचंद यादव हत्याकांड में बचाव पक्ष की दलीलों और सबूतों के अभाव को देखते हुए कोर्ट ने यह राहत प्रदान की है.
अदालत ने एक सख्त शर्त भी रखी है कि यदि केस के गवाहों या पीड़ित परिवार को किसी भी तरह से धमकाने की कोशिश की गई, तो जमानत तुरंत रद्द कर दी जाएगी. प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि पटना से बख्तियारपुर मार्ग पर यातायात बाधित न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे.
अनंत सिंह की रिहाई सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन और जनसमर्थन का बड़ा संदेश भी मानी जा रही है.
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