Amit Shah: 'अंबेडकर साहब का भारत अमित भाई के साथ है', मांझी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को लेकर दिए बयान पर सियासत जारी है. इस मुद्दे पर मोदी कैबिनेट में मंत्री और बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है.

Amit Shah: जीतन राम मांझी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि बाबा साहेब को आपने चुनाव हरवाकर सदन से बाहर करवा दिया. अपने परिवार में तो आपने भारत रत्न की झड़ी लगा दी पर बाबा साहब को भारत रत्न मानने से इंकार कर दिया और आज जब हमारी सरकार ने बाबा साहेब को सम्मान दिया तो वह भी आपको नहीं पच रहा है? अंबेडकर साहब का भारत अमित भाई के साथ है. दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को लेकर दिए बयान पर भारी बवाल मचा हुआ है. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अंबेडकर पूरे देश के लिए पूजनीय हैं, लेकिन पीएम मोदी ने गृह मंत्री का बचाव किया. अमित शाह को मंत्री पद से हटाना चाहिए. इसी मुद्दे पर हम पार्टी के मुखिया जीतन राम मांझी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है.

अमित शाह बोले- कांग्रेस ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर मेरे बयान को किया पेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर मेरे बयान को रखने का प्रयास किया. संसद में संविधान पर चर्चा हुई, लेकिन कांग्रेस ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर रखा. कांग्रेस आरक्षण विरोधी, अंबेडकर विरोधी और संविधान विरोधी पार्टी है. कांग्रेस ने शहीदों और सेना का भी अपमान किया. कांग्रेस ने वीर सावरकर का भी अपमान किया. आपातकाल लगाकर उन्होंने सभी संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन किया.’

अमित शाह ने आगे कहा, ‘ये तो स्वाभाविक है कि जब लोकसभा और राज्यसभा में पक्ष-विपक्ष होते हैं, तो हर मुद्दे पर लोगों का, दलों का और वक्ताओं का नजरिया अलग-अलग होता है. मगर संसद जैसे देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक फोरम में जब चर्चा होती है, तब इसमें एक बात कॉमन होती है कि बात तथ्य और सत्य के आधार पर होनी चाहिए.  संसदीय चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि कांग्रेस डॉ. बी.आर. अंबेडकर के खिलाफ थी. उनके निधन के बाद कांग्रेस ने उन्हें हाशिए पर धकेलने की कोशिश की. जब संविधान समिति ने अपना काम पूरा कर लिया और 1951-52 और 1955 में चुनाव हुए, तो कांग्रेस ने उन्हें चुनाव में हराने के लिए कई कदम उठाए.’

चिराग पासवान ने भी किया अमित शाह का समर्थन

अमित शाह के समर्थन में एनडीए गठबंधन में शामिल लोजपा चिराग पासवान ने कहा, ‘कांग्रेस आज बाबा साहेब के सम्मान को लेकर चिंता जता रही है, ये वही कांग्रेस है जिसने बाबा साहेब अंबेडकर जी के रहते हुए उन्हें सम्मान देना जरूरी नहीं समझा. दशकों तक उनकी एक तस्वीर तक भारत की संसद में लगाना कांग्रेस ने जरूरी नहीं समझा. बाबा साहेब के सम्मान में भारत रत्न देना भी उन लोगों ने जरूरी नहीं समझा. आज कांग्रेस केवल एक प्रतिस्पर्धा में है, क्यों? क्योंकि आज प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र की एनडीए सरकार ने भीमराव अंबेडकर के जीवन से जुड़े प्रमुख पलों को विकसित कर उन्हें चिन्हित करने का काम किया है. जब तक कांग्रेस सत्ता में रही उन्होंने बाबा साहेब का नाम लेना तो दूर की बात है उनके नाम को भुलाने का काम किया. आज उसी कांग्रेस पार्टी को बाबा साहेब के सम्मान की चिंता हो रही है? कांग्रेस केवल दिखावा कर रही है.’

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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