Akshara Singh celebrated her birthday with Mahadalit children : दानापुर में भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने रविवार को अपना जन्मदिन कुछ अलग अंदाज में मनाया. उन्होंने लाल कोठी मध्य विद्यालय परिसर स्थित प्रेरणा छात्रावास की महादलित बच्चियों के साथ अपना खास दिन बिताया. अक्षरा ने बच्चियों के साथ केक काटा और उनसे बातचीत कर अपना जन्मदिन मनाया. उन्होंने कहा कि इन बच्चियों के बीच समय बिताना उनके लिए किसी भी तरह की पार्टी या दूसरे सेलिब्रेशन से कहीं ज्यादा खास है.
बच्चियों के बीच जन्मदिन मनाकर मिली अलग अनुभूति
अक्षरा सिंह ने कहा कि ईश्वर ने उन्हें इन बच्चियों के बीच जन्मदिन मनाने का अवसर दिया, यह उनके लिए बेहद खास है. उन्होंने कहा कि बाहर जाकर पार्टी करने और अपनी खुशी तक सीमित रखने से अलग यहां बच्चियों के साथ खुशी बांटने की अनुभूति ही अलग है.
उन्होंने कहा कि यहां जो बिना किसी शर्त वाला प्यार और अपनापन मिलता है, वह दुनिया में कहीं और नहीं मिल सकता. अक्षरा ने कहा कि शूटिंग में व्यस्त रहने के बावजूद जब भी उन्हें शांति से समय बिताने का मौका मिलता है, वह बच्चों के बीच आना पसंद करती हैं.
बच्चियों के आग्रह पर गाया गीत
जन्मदिन के मौके पर बच्चियों ने अक्षरा सिंह से गीत सुनाने का आग्रह किया. इसके बाद उन्होंने ‘एक प्यार का नगमा है’ गीत प्रस्तुत किया. गीत सुनकर बच्चियां काफी उत्साहित नजर आयीं.
अक्षरा ने कहा कि शायद भगवान ने उन्हें यह मौका दिया कि वह यहां आयें और इन बच्चियों के साथ अपना जन्मदिन मनायें. इससे बड़ी खुशी उनके लिए कुछ और नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जब उन्हें मौका मिला है, उन्होंने बच्चों के साथ अपना जन्मदिन मनाया है.
पद्मश्री सुधा वर्गीज ने किया सम्मानित
नारी गुंजन की सचिव और प्रेरणा छात्रावास की संस्थापिका पद्मश्री सुधा वर्गीज ने अक्षरा सिंह को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. वहीं छात्रावास की बच्चियों ने उन्हें पेंटिंग भेंट की.
पद्मश्री सुधा वर्गीज ने कहा कि अक्षरा सिंह ने बच्चियों के बीच अपना जन्मदिन मनाकर उन्हें खुशी दी है. उन्होंने अभिनेत्री की लंबी आयु और उज्ज्वल भविष्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना की.
नेपाल की बाढ़ पर जताया दुख
नेपाल में आयी भीषण बाढ़ और त्रासदी को लेकर भी अक्षरा सिंह ने दुख जताया. उन्होंने कहा कि नेपाल की घटना के बारे में सुनकर वह काफी दुखी थीं. ऐसी स्थिति में जन्मदिन मनाने, केक काटने और मस्ती करने का मन नहीं कर रहा था. इसलिए उन्होंने सोचा कि बच्चों के बीच जाकर उनके साथ समय बिताया जाए और उनका बिना शर्त प्यार लिया जाए.
अक्षरा ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के सामने इंसान बहुत छोटा है. नेपाल में जिन लोगों की जान गयी और जिन परिवारों को इस त्रासदी के कारण कष्ट झेलना पड़ रहा है, उनके लिए वह ईश्वर से प्रार्थना करती हैं.
छात्रों की जागरूकता पर भी बोलीं अक्षरा
अक्षरा सिंह ने छात्रों की ओर से अपनी आवाज उठाये जाने को लेकर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि समय बदल रहा है और उन्हें लगता है कि छात्र अब पहले से ज्यादा जागरूक हो चुके हैं. मौके पर सोहन कुमार, विवेक कुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे.
