नयी दिल्ली : बिहार चुनाव के मैदान में असदुदीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इतेहदुल मुसलिमीन (एमआईएम) भी अपना भाग्य आजमायेगी. इस बात की घोषणा आज पार्टी अध्यक्ष ओवैसी ने की. उन्होंने कहा कि वे बिहार के सीमांचल क्षेत्र में अपने प्रत्याशी उतारेंगे. हालांकि उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि पार्टी कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा कि सीमांचल की उपेक्षा सभी बड़ी पार्टियों ने की है. ओवैसी ने बताया कि उनकी पार्टी चुनाव पूर्व कोई गंठबंधन नहीं करेगी.
गौरतलब है कि बिहार के सीमांचल इलाके में 57 विधानसभा सीट हैं. इन सीटों की भूमिका बिहार चुनाव के परिणाम पर हमेशा से ही बड़ा डालती रही है. इस बार यहां चुनाव के अंतिम चरण में यहां मतदान होना है.
यह सीट इसलिए भी बहुत महत्पूर्ण है क्योंकि सीमांचल में भाजपा कमजोर है. पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा यहां सबसे कमजोर साबित हुई थी. इन परिसि्थतियों में अगर एमआईएम की ओर मुसलमान वोटर का झुकाव हुआ, तो यह सि्थति जदयू गंठबंधन पर भारी पड़ सकती है.
एमआईएम के बिहार में चुनाव लड़ने पर प्रतिक्रिया देते हुए जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा, नीतीश कुमार के वोटर उन्हें ही वोट करेंगे. एमआईएम के चुनाव लड़ने से हमारे गंठबंधन को कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
वहीं राजद नेता मनोज झा ने कहा कि एमआईएम का चुनाव लड़ना मीडिया के लिए खबर हो सकती है. इससे हमारे गंठबंधन को कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
