पटना में पांच वर्षों में 21264 वाहनों की चोरी, बरामद सिर्फ 961 बाइकें, विधान परिषद में पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

राज्य में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं को लेकर विधान परिषद में उठे सवाल पर गुरुवार को प्रभारी गृह मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि इसे रोकने लिए पुलिस को निर्देश दिया गया है.

पटना. राज्य में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं को लेकर विधान परिषद में उठे सवाल पर गुरुवार को प्रभारी गृह मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि इसे रोकने लिए पुलिस को निर्देश दिया गया है. फिर भी रविवार को डीजीपी और गृह सचिव को बुलाकर कहा जायेगा कि वे इस बाबत सभी थानों को निर्देश जारी करें.

प्रभारी मंत्री ने बताया कि पटना जिले में वर्ष 2015 से लेकर 2020 के बीच यानी पांच सालों में 21 हजार 264 वाहनों की चोरी हुई है. इनमें से 18 हजार बाइक एवं 3264 अन्य वाहन हैं.

बाइक चोरी में संलिप्त अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. अब तक 961 बाइक बरामद किये गये हैं. जनवरी, 2021 में ही पटना में वाहनों चोरी के 17 कांडों में चोरी गये वाहनों की बरामदगी के साथ 20 वाहन चोरों को गिरफ्तार किया गया है.

विप सदस्य रामचंद्र पूर्वे ने इस बाबत सवाल किया था. मंत्री ने कहा कि वाहन चोरी रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों में वाहनों चेकिंग में तेजी लाने, पेट्रोलिंग बढ़ाने, गुप्तचरों को सक्रिय करने आदि काम में तेजी लायी जायेगी.

प्रभारी मंत्री ने कहा कि जहां तक वाहन चोरी की बरामदगी का सवाल है तो करीब ढाई सौ साल पहले आइपीसी, सीआरपीसी को बनाया गया था. उस समय भी यह परिकल्पना थी कि जब नियम समय में वाहन की बरामदगी नहीं होती है, तो न्यायालय के आदेश पर आरोपित के मकान आदि की कुर्की- जब्ती का प्रावधान किया जाये.

इन निर्देशों का करना होता है पालन

  • जिले में वाहन चोरी की रोकथाम के लिए सघन गश्ती

  • पूर्व में आरोपित अभियुक्तों पर निगरानी

  • आम सूचना तंत्र को मजबूत करने व गुप्तचरों की तैनाती

  • थाना क्षेत्रों में जगहों को बदल कर वाहनों की चेकिंग

  • राज्य में मासिक अपराध समीक्षा में दिशा निर्देश का पालन

Posted by Ashish Jha

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By Prabhat khabar news desk

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