पटना: सरकार ने पैसे दिये स्कूल भवन बनाने के लिए और प्रधानाध्यापकों ने पैसे से बना लिया अपना घर. एक-दो नहीं बल्कि कैमूर जिले के 54 प्रधानाध्यापकों ने स्कूल भवन की जगह अपना घर तैयार बना लिया. बात जानकारी में आयी, तो शिक्षा विभाग ने सभी को निलंबित कर दिया. अब इन्हें दो महीने की मोहलत दी गयी है. इस अवधि में सभी आरोपितों ने स्कूल भवन नहीं बनवाये, तो सबकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी. साथ ही सभी पर मुकदमा दर्ज किया जायेगा.
इन प्रधानाध्यापकों ने जितनी राशि की निकासी की है. सूद समेत उसकी वसूली की जायेगी. प्रधानाध्यापकों को सर्वशिक्षा अभियान की ओर से क्लास रूप व बिल्डिंग बनाने के लिए करीब पांच करोड़ रुपये की राशि दी गयी थी. इसमें 167 अतिरिक्त क्लास रूम बनाने थे.
साथ ही जिन स्कूलों की बिल्डिंग नहीं थी, उनका नया भवन भी बनाना था. जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक में इसका खुलासा हुआ था. बैठक के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया और दो महीने के अंदर स्कूलों में अतिरिक्त कमरे व बिल्डिंग बनाने का आदेश दिया.
जिलाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट शिक्षा विभाग और बिहार शिक्षा परियोजना को भेज दी है. रिपोर्ट में उन्होंने प्रधानाध्यापकों के निलंबन की जानकारी दी है. साथ ही बरखास्तगी की भी अनुशंसा की है.
